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Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

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"अभी तो तात्कालिक सरल हल यही है कि इसी ग़ज़ल के किसी भी अन्य शेर की द्वितीय पंक्ति को…"

Tilak Raj Kapoor replied Jul 26, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-181

39 Jul 27, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

"इस बार के तरही मिसरे को लेकर एक प्रश्न यह आया कि ग़ज़ल के मत्ले को देखें तो क़ाफ़िया…"

Tilak Raj Kapoor replied Jul 26, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-181

39 Jul 27, 2025
Reply by Jaihind Raipuri

"आदरणीय गजेंद्र जी, हृदय से आभारी हूं आपकी भावना के प्रति। बस एक छोटा सा प्रयास भर है…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, हृदय से आभारी हूं।  साप्ताहिक हिंदुस्तान में कोई और तिलक राज…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"धन्यवाद आदरणीय धामी जी। इस शेर में एक अन्य संदेश भी छुपा हुआ पाएंगे सांसारिकता से बा…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"मेरी कोशिशें हैं इधर धीरे धीरे उधर हो रहा है असर धीरे धीरे। गए उनके दिल में उतर धीर…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"गिरह का शेर अच्छा हुआ।"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"तुझे तेज धारा उधर ले न जाए   जिधर उठ रहे हैं भंवर धीरे धीरे। ("संभलना" शब्द के प्रयो…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"अच्छे शेर हुए। मतले के शेर पर एक बार और ध्यान देने की आवश्यकता है।"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

"नहीं ऐसी बातें कही जाती इकदम     अहद से तू अपने मुकर धीरे-धीरे  जैसा कि प्रथम पंक्ति…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-180

71 Jun 28, 2025
Reply by Tilak Raj Kapoor

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दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
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