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Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

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"ग़ज़ल खूबसूरत रही और उठाये बोझ सदा और उफ़ कभी न करे वो मुफ़लिसी कि कमर के सिवा कुछ और…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"ग़ज़ल आपने अच्‍छी कही पर इसे देखें: हमें  तो  खूब  लगी  खुशनुमा, कहे  क्यों तू हयात…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"पसंद है वो हमें, बस गया है नज़रों में नज़र नज़र है नज़र के सिवा कुछ और नहीं | भाई; नायाब…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"मैं गुनगुना न सका गीत ज़िन्दगी के कभीहयात सोज़ ए जिगर के सिवा कुछ और नहीं वाह क्‍या दर…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"बहुत खूब कल्‍पना जी। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"गहरे अहसासात लिये बहुत खूबसूरत ग़ज़ल।  वफ़ा-ए-अहले ख़िरद देखिये जनाब यहाँवफ़ा झुके ह…"

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"धन्‍यवाद जितेन्‍द्र जी। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"धन्‍यवाद महिमा जी। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"धन्‍यवाद नीलेश जी। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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"धन्‍यवाद गीतिका जी।  "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
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