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PREETAM TIWARY(PREET)'s Discussions (718)

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"सब के सब यहां पे, ख्वाईशो के गुलाम है । फिर हम किस मुँह से, खुदी को सुददार कहे ।   b…"

PREETAM TIWARY(PREET) replied Feb 24, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"बेटी तो अंगूर की घर के अंदर मिलती है, अंडों और नमकीन का बाहर ठेला लगता है ।   bahut…"

PREETAM TIWARY(PREET) replied Feb 24, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"मिलाता है कभी हमको कभी जुदा है कर देता , खुदा को ये कठपुतलियों का खेला लगता है | bah…"

PREETAM TIWARY(PREET) replied Feb 24, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"भीगा सा है अखबार आज फिर ये हाकर का हुआ कोई सरहद में फिर धमाका लगता है   bahut hi kh…"

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380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"bahut hi badhiya gazal brij bhushan bhai....achha nahi bahut achha likha hai aapne..…"

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380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"bahut hi badhiya prastuti sanjay sahab.,...aapki rachna fir se padh ke achha laga...…"

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380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"रिश्‍तों की गर्माहट शायद ये ही होती है मिलना जुलना, साथ किसी का अच्‍छा लगता है।   sh…"

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380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"बिना तुम्हारे क्या बतलाऊँ  कैसा लगता है रहूँ भीड़ में लेकिन हर पल तन्हा लगता है bahu…"

PREETAM TIWARY(PREET) replied Feb 24, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"हम कैसे इस बात को माने कहने को संसार कहे.हम कैसे झूठी बातों को नफ़रत को भी प्यार कहे…"

PREETAM TIWARY(PREET) replied Feb 24, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"bahut hi badiya prastuti nemichand sahab.... सबके जीवन की दिनचर्या, मानो बहता दरिया,…"

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380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
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Feb 4

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