For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

Discussions Replied To (1828) Replies Latest Activity

"आशीष जी मुझे लगता है मूल मैथिली रूप में शायद और अच्‍छी लगती। "

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"दिल्लगी थी या कि दिल की ही लगी अब जो भी होशम अ भी जलती रही परवाना जल जाने के बाद बह…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"इसलिये नहीं कि ये ग़ज़ल आपकी है; ग़ज़ल में किये गये  शब्‍द-गुंथन के कारण यह ग़ज़ल बे…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"भाई बाकमाल ग़ज़ल है, हर शेर पुख्‍़ता।  "

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"कोई कह दे उस सियासतदां से जाकर आज तो सनसनी है खौफ़ है क्यों आपके आने के बाद   वो कसीद…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"है निशाना कौन तेरा सोच ले इक बार तो   फिर न लौटेगा तुम्हारा तीर चल जाने के बाद वाह भ…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"ज़िन्दगी भर जिसको "गुलशन" पूछता कोई नहीजान देते हैं उसी पर लोग मर जाने के बाद वाह अशफ…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"देर से आने के लिये मजबूर रहा। 10 बजे तक फिर लौटता हूॅं।  "

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"कुछ नहीं मॉंगा न चाहा तुझसे याराने के बाद दूरियॉं दुनिया से कर लीं तेरे पास आने के ब…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 31, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"बहुत खूब कहा है। "

Tilak Raj Kapoor replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
1 hour ago
Admin posted discussions
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Feb 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Feb 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service