For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

AVINASH S BAGDE's Discussions (3,412)

Discussions Replied To (2337) Replies Latest Activity

प्रधान संपादक

"तीर बन जाएगी ग़ज़ल तेरी खूनेदिल में असर तलाश करो...gazal ka har teer(sher)nukila hai."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"खो गए  हैं जो गीत मिलते नहीं अब कही हमें ,पेड़ पर पंछी फिर गाएं,उस सहर की तलाश है |…"

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"जो हो सके तो अमन का मन्ज़र तलाश कर !!...isaki behad jarurat hai.  "हिलाल" चैनो सुकून…"

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"अपनी अभी तलाश न त्यागो   अभी तमस है बाकी....sashakt peshkash...badhai Dr.Brijesh."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"..असीम आभार."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"रचना पसंद  आई..असीम आभार."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"WAH."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"SWASTH SUJHAW."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"आदरणीय, धन्य हुआ आपकी दाद पाकर. आभार आपके दिये हुए शब्द-बल का."

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"तीव्र हो प्यास  एकाग्र रहे मन  सफल होती  फिर हर तलाश  मिलती है मंजिल । अंतिम सत्य…"

AVINASH S BAGDE replied Jan 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १५ (Now Closed with 669 Replies)

660 Jan 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service