For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मोहन बेगोवाल's Discussions (1,044)

Discussions Replied To (1044) Replies Latest Activity

"अरुण जी , आप की गज़ल का ये शेर मुझे बहुत खास लगा  चलो जहान की सूरत बदल के देखते हैंपर…"

मोहन बेगोवाल replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"आदरणीय मफरूद जी,  पहली बार आपकी शायरी के दर्शन हुए , ये  शेर कमाल का है  मरा या ज़िंद…"

मोहन बेगोवाल replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"सौरभ जी , आपकी शायरी उन का दर्शन करा देती है , जिन के करीब शायद यूँ हम न पहुँच सके …"

मोहन बेगोवाल replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"गुरुजन , आपकी गज़ल हमारे जेसे को लिए मार्गदर्शन का काम करती,सभी शेअर लाजवाब  गिरे कुछ…"

मोहन बेगोवाल replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"मतले के मिशरे को सशोधिंत कर रहा हूँ  चलो मिजाज अभी हम  बदल के देखते हैं"

मोहन बेगोवाल replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"चलो मिजाज अभी हम बदल के देखते हैं* बदल  रहें  जहाँ के संग चल के देखते हैं.   रवाएती…"

मोहन बेगोवाल replied Jun 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"जीतना अजीब सा नशा लाया साथ अपने  मगर सजा लाया   राह में जो मिटा गया मुझको  याद में फ…"

मोहन बेगोवाल replied May 26, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"जीत कर वो क्या नशा लाया भीड़ में तन्हा की सजा लाया   राह में जो मिटा गया मुझको  याद…"

मोहन बेगोवाल replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

सदस्य टीम प्रबंधन

"एक औरप्रयास ,गुरुजन और बाकी भाईजान से विनम्र बेनती कि अपनी राए दीजिए तुझे देखने कि…"

मोहन बेगोवाल replied May 1, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 34" में प्रस्तुत सभी गज़लें, चिन्हित मिसरों के साथ ...

54 Apr 26, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मेरी तरफ से सभी गुरुजन,भाईजन  व बहनों का मेरे  प्रयास को सराहने के लिए धन्यवाद , गुर…"

मोहन बेगोवाल replied Apr 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 34(Now Closed with 754 replies)

754 Apr 30, 2013
Reply by वेदिका

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
16 hours ago
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
16 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
18 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)

बह्र: 22 22 22 22 22 2 रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिएजंगल का कानून है पहला, चुप रहिएमँहगाई से…See More
22 hours ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" posted a blog post

दास्तां

एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
22 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

समय

समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
22 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय सौरभ जी"
23 hours ago
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
May 25
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' shared their blog post on Facebook
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ravi Shukla जी"
May 24
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ashok Kumar Raktale जी"
May 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service