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Sanjay Mishra 'Habib''s Discussions (2,274)

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"आदरणीय सौरभ भईया... गज़ब की रवानी है तमाम अशार में... एक लय में पूरी ग़ज़ल पढ़ चला...…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"शानदार ग़ज़ल आदरणीय विर्क भाई... सादर बधाई स्वीकारें...."

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"असल रोटी मकां कपड़ा गरज इन्सान की तो है अगर ज्यादा न भी होता गुजारे भर बना लेते... वा…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आदरणीय सतीश सर... शानदार ग़ज़ल के लिए सादर बधाई स्वीकारें..."

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आदरणीय अरुण भईया... आपको यहाँ देखकर आनंद आ गया... स्वागत... स्वागत... इबादत काम की क…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"गवारा था नहीं सौदा हमें ही रूह का वरनामहल उंचा खुदा की आँख से गिरकर बना लेते   बहुत…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"थकी ये देह ढकने को गगन चादर बना लेते कभी मेरी तरह तुम भी धरा बिस्‍तर बना लेते   उस्त…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"हुए शातिर बड़े औलादे-आदम ; रब भी हैरां है जो मतलब से उसे अल्लाह औ’ ईश्वर बना लेते   आ…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"यह बड़ा ही सार्थक प्रयास है... प्रतियोगिता को पुरस्कार युक्त और छंद आधारित बनाने से स…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 25, 2011 to घोषणा :- "चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के विजेताओं को ओ बी ओ देगा नकद पुरस्कार

33 Nov 28, 2011
Reply by siyasachdev

सदस्य टीम प्रबंधन

"रचनाओं की प्रतिक्रिया रचनाओं का संकलन... वाह! इस सुकाज के लिए सादर आभार एवं बधाई आद…"

Sanjay Mishra 'Habib' replied Nov 13, 2011 to ओबीओ महा उत्सव अंक - 13 की प्रतिक्रिया-रचनाएँ

4 Nov 16, 2011
Reply by Saurabh Pandey

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वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
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माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
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Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
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