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Arvind Kumar's Discussions (37)

Discussions Replied To (36) Replies Latest Activity

"हर वक़्त खामियाँ वो गिनाएँ तो क्या करें, हम आइना उन्हें न दिखाएँ तो क्या करें। हर सु…"

Arvind Kumar replied Feb 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92

649 Feb 24, 2018
Reply by Balram Dhakar

"सब किया जो तय था मोमिन के लिए, याँ तलक के, नाम भी गिन के लिए। (मोमिन- भक्त) थक गया…"

Arvind Kumar replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हाय ये खुश्क से मंज़र नहीं देखे जाते, सुर्ख चेहरे पे ये तेवर नहीं देखे जाते। और रोको…"

Arvind Kumar replied Jun 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीय नीलेश जी. बहुत-बहुत धन्यवाद."

Arvind Kumar replied May 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59

680 May 23, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर जी. हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया."

Arvind Kumar replied May 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59

680 May 23, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"तड़पती हुई इक कज़ा चाहता हूँ, दिया हूँ, मुसलसल हवा चाहता हूँ। बहुत चीखती हैं ये खामोश…"

Arvind Kumar replied May 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59

680 May 23, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"देख लो, ये ज़िन्दगी-ए-आम है, भूख खौली, बासी ठंडी शाम है। किसकी खातिर मैं यहाँ रातें…"

Arvind Kumar replied Feb 27, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक 32 (Now Closed with 777 Replies)

773 Feb 28, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"या मिरे ग़म सभी सिवा कर दे,ख़ुश्क आँखों को या समंदर दे।वो है जिस राह पर चला अबतक,मेर…"

Arvind Kumar replied Nov 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २९

834 Dec 1, 2012
Reply by Saurabh Pandey

"छोटी सी उमर में ही वो दिखती सयानी है, नाजों में कहाँ पलती, रोटी जो कमानी है.   जो ला…"

Arvind Kumar replied Oct 27, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २८ (Closed with 649 Replies)

649 Oct 30, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"दस्तारे-अना  रख  दूँ   दौलत  के  लिए  गिरवी |मुमकिन ही नहीं मुझ से पुरखों की निशानी…"

Arvind Kumar replied Oct 27, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २८ (Closed with 649 Replies)

649 Oct 30, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

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चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
23 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
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Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
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Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
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"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
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Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
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