For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

महिमा वर्मा's Discussions (45)

Discussions Replied To (45) Replies Latest Activity

"प्रकृति का अत्यंत खूबसूरती  से वर्णन करती अति सुन्दर  रचना आदरणीय जवाहरलाल सिंह सर ज…"

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-  बहुत धन्यवाद  और आभार आपका आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी सर जी, आपकी पसंदगी और प्र…"

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-  बहुत  धन्यवाद  और आभार आपका आदरणीय पवन कुमार सर जी, आपकी पसंदगी और प्रोत्साहन…"

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-  बहुत  धन्यवाद  और आभार आपका आदरणीय जवाहरलाल सर जी, आपकी पसंदगी और प्रोत्साहन…"

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत -बहुत धन्यवाद  और आभार आपका आदरणीय सौरभ पाण्डेय सर जी, "

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-  बहुत  धन्यवाद  और आभार आपका आदरणीय अखिलेश सर जी, आपकी पसंदगी और प्रोत्साहन के…"

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह्ह्हह्ह, अत्यंत सुन्दर रचना , पर्यावरण को लेकर इंसान की  प्रकृति पर ."

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"लरज रही रूह से,सहम रही दोह से ,निहार रही मोह से ,कपूत को ये धरा . दुलार मांगे देह स…"

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह्ह्ह्ह, अत्यंत  सुन्दर  हाइकु "

महिमा वर्मा replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार आपका आ.मिथिलेश वामनकर जी."

महिमा वर्मा replied May 31, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-14 (विषय: षडयंत्र)

1207 Jun 1, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted blog posts
9 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
15 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
20 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
20 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Monday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service