For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

AVINASH S BAGDE's Discussions (3,412)

Discussions Replied To (2337) Replies Latest Activity

" शुक्रिया ! सीमा जी "

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आभार!... धन्यवाद् ! "

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"कइसा रिवाज, इ कइसा विधान? बाबुल ! काहें करे कन्यादान? jeeti ji beti ka khulla apaman…"

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"लड़की हम तीन कपड़ों में ले जायेंगे  फिर वही तीन कपड़ों में  उसे बाहर का रास्ता दिखाय…"

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जैसे बेटी वस्तु हो , ना हो वो इंसान |.......वाकई! कैसी उल्टी रीत है , करते कन्यादान…"

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

""DAN" par log kamovesh aisa hi attitude rakhate hai.chahe saskaro ke nam par jitana…"

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"शीतल सा झोंका आँगन की तुलसी   छाँव रुपहली और मधुरस की कलसी  जिस घर-आँगन में चिड़ियो…"

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जो थमा दिया गैरों के हाथ, करके तुमने“कन्यादान”?????? Praveen bhai,achchha dard uker…"

AVINASH S BAGDE replied Feb 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"राजेश कुमारी मैम,आपने मेरी रचना के भावों को सराहा...आभार."

AVINASH S BAGDE replied Feb 8, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आभार.saini ji aapke utsah-vardhan ka."

AVINASH S BAGDE replied Feb 8, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६

773 Feb 11, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
40 minutes ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
9 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service