For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

AVINASH S BAGDE's Discussions (3,412)

Discussions Replied To (2337) Replies Latest Activity

"सुन्दर सवैया ..."

AVINASH S BAGDE replied Oct 7, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - २४ (Now Closed)

931 Oct 9, 2012
Reply by Saurabh Pandey

"sahi..."

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"'आलोक' शेर कहना है तो कम से कम कहो वरना ग़ज़ल कहेगी कि पैमाना भर गया  ...wah aadarni…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"बुझता हुआ चिराग़, चलो कुछ तो कर गयालड़ने का इक ज़ुनून चराग़ों में भर गया।...natmasta…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"तूफाँ की साजिशों से मेरा घर सिहर गया,हो जाने क्या, अगर जो ये टूटा, बिखर गया....WAH..…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"*वो रात-दिन नहीं कि मुलाक़ात भी नहींवे क्या गए कि आज ज़माना ठहर गया...bahut khoob... अ…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"aabhar...."

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"अपनी कला पे गर्व जिसे था बहुत ‘लतीफ़’,अभिमान छू गया  तो  नज़र से उतर गया. गंतव्य उसक…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"ज़िद और मनबढ़ाव था दिल से उतर गया हर वक़्त था ग़ुमान में आखिर ठहर गया ||1||...बहुत सुंदर…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"दोनों पसार हाथ सिकंदर पसर गया पानी के बुलबुले की तरह हर बशर गया...वाह..वाह.. फलदार ब…"

AVINASH S BAGDE replied Sep 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २७ (Now Closed)

719 Sep 30, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service