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Open Books Online परिवार के सब सदस्य लोगन से निहोरा बा कि भोजपुरी साहित्य और भोजपुरी से जुड़ल बात ऐह ग्रुप मे लिखी सभे ।
by आशीष यादव
Mar 31
भोला की भजsनिया में
मन हमार लागल
जियुवा पागल भइलें
भोला में ही मनs अनुरागल
बिच्छू के कुण्डल साँप गर में बिराजेलन
भभूति रमा के भोला औघड़ लागेलन
औघड़ लागेलन
सूते खातिर सेज जिनकर
पाथरे प लागल
गंगा जटा में जिनके, वस्त्र मृगछाला
शीश प सजा के चाँद शिव भइलें आला
शिवजी भइलें आला
डिमिक डिमिक डम-डम डम-डम
डमक डमरू बाजल
मंथन से निकलल माहुर गर में सजवलें
छोड़ दिहलें अमरीत सगरो देव के पियवलें
देव के पियवलें
जग के बचाई लिहले
भाग सब क जागल
मौलिक एवं अप्रकाशित
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भोजपुरी साहित्य
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Description
Open Books Online परिवार के सब सदस्य लोगन से निहोरा बा कि भोजपुरी साहित्य और भोजपुरी से जुड़ल बात ऐह ग्रुप मे लिखी सभे ।
शिव भजन (पूर्वी छपरहिया धुन)
by आशीष यादव
Mar 31
भोला की भजsनिया में
मन हमार लागल
जियुवा पागल भइलें
भोला में ही मनs अनुरागल
जियुवा पागल भइलें
बिच्छू के कुण्डल साँप गर में बिराजेलन
भभूति रमा के भोला औघड़ लागेलन
औघड़ लागेलन
सूते खातिर सेज जिनकर
पाथरे प लागल
जियुवा पागल भइलें
भोला में ही मनs अनुरागल
जियुवा पागल भइलें
गंगा जटा में जिनके, वस्त्र मृगछाला
शीश प सजा के चाँद शिव भइलें आला
शिवजी भइलें आला
डिमिक डिमिक डम-डम डम-डम
डमक डमरू बाजल
जियुवा पागल भइलें
भोला में ही मनs अनुरागल
जियुवा पागल भइलें
मंथन से निकलल माहुर गर में सजवलें
छोड़ दिहलें अमरीत सगरो देव के पियवलें
देव के पियवलें
जग के बचाई लिहले
भाग सब क जागल
जियुवा पागल भइलें
भोला में ही मनs अनुरागल
जियुवा पागल भइलें
भोला की भजsनिया में
मन हमार लागल
जियुवा पागल भइलें
भोला में ही मनs अनुरागल
जियुवा पागल भइलें
मौलिक एवं अप्रकाशित