भोजपुरी साहित्य

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कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

मनवा तोहके पुकारे 

नैना फोनवा निहारे 

मस्त मौसम में हार्ट कइला लॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

मन अकेले मोर डेराला 

अपना दिsल में छुपाला 

तोहरा दिल पे करीं कबले अइसे नॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

बोला बात ई विचारी 

तोहरा दिल के कर्मचारी 

हई परमानेंट की बाड़ी ऐडहॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

तोहरे दुअरे प आज 

खड़ा प्यार के जहाज 

ला मंजूर करा खोल के आपन डॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

रसदार अंग अंग 

योवन बनल बा मलंग 

तोहरे खातिर हउवे सगरो स्टॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

जे आशीष नाहीं मिलिहें 

नेह फूल नाहीं खिलिहें 

बाग होइ जइहें अइसे जइसे रॉक पिया 

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. 

आशीष यादव 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

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    Ashok Kumar Raktale

    आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत बधाई. टेक पर प्रयुक्त लॉक,नॉक, ऐडहॉक, डॉक रचना को और भी रोचक बना रहे हैं. सादर 

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