"नमस्कार भाई जयहिंद जयपुरी जी,
मुशायरे की पहली ग़ज़ल लाने के लिए बधाई।
दिए गए मिसरे पर आपका अच्छा प्रयास है। यथासंभव आपने बहर का पालन किया है। अच्छे भाव लाने का सफल प्रयोग…"
"2122 1212 112
कुछ भी होना नहीं कि तुझसे कहें
रोना धोना नहीं कि तुझसे कहें १
हक़ बयानी हमारी चुभती है
दिल दुखाना नहीं कि तुझसे कहें २
दूर रहकर सुकून है हासिल
पास आना नहीं कि तुझसे कहें 3
बेदख़ल…"
"एक सप्ताह के लिए सभी चार आयोजन के द्वार खुल गए। अच्छी बात ये है कि यह एक प्रयोग है ..... लेकिन किसी को नहीं मालूम यह कितने मास के लिए है। प्रयोग सफल हो गया तो शायद इसे ही जारी रखेंगे ।
पुनः…"
"चौपाई छंद
++++++++
ठंड गई तो फागुन आया। जन मानस में खुशियाँ लाया॥
आम लगे सब हैं बौराने। पंछी गाते सुर में गाने॥
गुलमोहर टेशू भी फूले। अमराई में पड़ते झूले॥
नव कोंपल पेड़ों पर छाये।…"