"चुप रहिए... वाह क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.
रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए
जंगल का कानून है पहला, चुप रहिए... वाह ! क्या कमाल मतला हुआ है. इसमें शामिल व्यंग्य तो…"
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की अनुभूतियों पर ही आधारित होते हैं अक्सर.
आदरणीय सुशील सरना जी सचमुच ही यह जीवन का रंगमंच है और यहाँ हर…"
"Dear respected Admin team:
A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was posted. Here is another attempt.
I visited OBO a couple of days ago after a long gap, and I was…"
" आदरणीय, तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा ओ.बी.ओ को.प्रवहमान रखने का संकल्प दृढ़ है तो, कोई समाधान निकल ही आयेगा । समस्या…"
सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई जगाबैएजखन बाजै मधुर मुरली मुरारीकेँतखन ई संग राधाकेँ नचाबैएसलोना श्याम हे चितचोर मोहन छीकरेजक चैन ई…See More