"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं उसे सप्ताहांत या किसी खास समय पर वीडियो स्वरूप में लाइव आकर लोग अपनी रचना सुनाएं तथा उसे पोस्ट भी…"
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल मीडिया के हर मंच पर ही उपस्थिति नगण्य हो गई है। तथापि यह समाचार बेहद कष्ट दे रहा है कि अपना यह मंच…"
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को अखाड़ा बना कर तो चर्चा बहुत होती है लेकिन इसके मूल उद्देश्यों की दिशा में सार्थक चर्चा कम हो रही…"
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है.
जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की सारस्वत उपस्थिति से ही मंच वंचित रह रहा हो, तो आखिर उपाय क्या ही रह जाता है ? ऐसी परिस्थिति कोई अचानक…"
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ समय निकाल कर वरिष्ठ जनों को इस पर बात करनी चाहिए।
इस सीखने सिखाने की परंपरा के मंच का बंद होना…"
"आदरणीय गणेश जी,
जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो रहा है। इस मंच को हम सब ने अपना अमूल्य समय दिया है और यहाँ से सभी ने कुछ न कुछ अमूल्य प्राप्त भी…"
प्रिय सदस्य गण / प्रबंधन समिति के सदस्य गण / ओ बी ओ के सभी पाठक एवं शुभचिंतक गणसादर प्रणामआप सभी अवगत हैं कि ओ बी ओ वर्ष 2010 से अनवरत चलते हुए 16 वर्ष से अधिक समय व्यतीत कर चुका है, जो प्रारंभ होता…See More
"हाड़-मॉंस स्ट्रेट (लघुकथा) :
"नेता जी ये क्या हमें बदबूदार सॅंकरी गलियों वाली बस्ती के दौरे करवा रहे हो बार-बार!" प्रचार मण्डली में से एक युवक बोला, बार-बार यू-टर्न करवा रहे…"