आई हमर लिखल पहिल मैथिली लघुकथा प्रस्तुत केलहूँ और आँहा सबहक आशिर्वाद पाबि मोन बडा प्रपन्न भेल बुझलहूँ ने आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी । ऐतेक प्रोत्साहन जे अपनेक देलियै तकर तय कोनों मोले नई छै । आँहाक कहब हम सदा मोन राखब जे मिथिला आ मैथिली साहित्य मंच के किछो योगदान हमरो तरफ सय भय जाय । मुदा एक बात हमरा अवश्य कहबाक जरूरत अछि ऐही समूहक मेंबर सब सय , जे हम तय मैथिली माध्यम सय पढल लिखल नई छी ताहि वास्ते किछ लिखबाक में साहित्यिक नजैर सय दोष भय सकैत अछी हमरा सय । से कनि मार्गदर्शन करब अपने सब हमरा ज्यों हम गलत होई तय । सादर नमन आँआँहाक फेर सय ।
गोर लगैत छी अपनेके हम । बुझि गेलहूँ कनिकबे में बहुत बात जे हमर पढ़ाई के माध्यम रोड़ा नई बनत । अहो भाग्य हमर जे अपनेक हमर गुरू तुल्य एही मंच पर उपस्थित भेटलहूँ । नई तय हम ऐही ओबीओ के विशाल सम्राज्य में किछो सही जानकारी नई पाबि ओझराईये कय मैर जैतहूँ । नमन आँहाक आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी ।
kanta roy
Jul 8, 2015
kanta roy
गोर लगैत छी अपनेके हम । बुझि गेलहूँ कनिकबे में बहुत बात जे हमर पढ़ाई के माध्यम रोड़ा नई बनत । अहो भाग्य हमर जे अपनेक हमर गुरू तुल्य एही मंच पर उपस्थित भेटलहूँ । नई तय हम ऐही ओबीओ के विशाल सम्राज्य में किछो सही जानकारी नई पाबि ओझराईये कय मैर जैतहूँ । नमन आँहाक आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी ।
Jul 8, 2015
SANJAY KUMAR JHA
"हम तय आब जे बजलहूँ से बजलहूँ । करबो सैह करब , नई तय कहियौ जे चेत जायत सब । " सुन्नर !!
वास्तविक में , कएटा एहन घटना समक्ष आएल अछि ।
Aug 9, 2015