आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत है....."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133विषय : विषय मुक्तअवधि : 29-04-2026 से 30-04-2026.अति आवश्यक…See More
"इल्म गिरवी है अभी अपनी जहालत के लिए
ढूँढ लो क़ौम नयी अब तो बग़ावत के लिए
अब अगर नाक कटानी ही है हज़रत के लिए
फ़िक्र करिये न कभी आप तो क़ीमत के लिए
है ये दावा वो करे काम बहुत हम सब से
क्या कहूँ उनकी ला…"
"2122, 1122, 1122, 112/22
सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए
एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के लिए 1
मुझसे पूछा ही नहीं जिसने इज़ाज़त के लिए
क्या सज़ा देंगे उसे आप हिमाक़त के लिए2
जोड़ के रखता है…"
ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर अज़हर नवाज़ साहब की ग़ज़ल से लिया गया है। तरही मिसरा है: “मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए” बह्र…See More
आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत मनुष्य को संवेदनहीन कर रहा है. यह मोबाइल का युग जिसने सबको अपनी गिरफ्त में ले रखा है जिससे नवजात बच्चे…See More