For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आशीष यादव's Comments

Comment Wall (45 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:05pm on August 6, 2011, Atendra Kumar Singh "Ravi" said…

aasish bhai aapko hamari rachna pasand aaee iske liye bahut bahut dhanyavaad.....

At 9:23am on August 4, 2011, Atendra Kumar Singh "Ravi" said…

बारिश  के मौसम में तनहा मन के अहसास को आपने कागज पे उकेरा है  ,सबसे पहले आपको इसके लिए बधाई ..........और हमारी रचना पसंद आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद  .......

At 11:07pm on August 2, 2011, Shanno Aggarwal said…
आशीष, आपकी शुभकामनाओं के लिये बहुत धन्यबाद.
At 11:01pm on August 2, 2011, Shanno Aggarwal said…

आशीष, मित्रता के लिये बहुत धन्यबाद. और आपकी रचनायें बहुत सुंदर हैं...बधाई व शुभ कामनायें.

At 1:58pm on July 3, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

हार्दिक धन्यवाद मित्र. सहयोग और विश्वास परस्पर बना रहे.

At 7:23am on April 11, 2011, nemichandpuniyachandan said…
ashish yadav ji,sahib, aapki zarra-nawazi ke liye shukariya.
At 10:20pm on April 3, 2011, वीनस केसरी said…

धन्यवाद आशीष जी,,

आप सभी का स्नेह है ...

At 6:12pm on December 29, 2010, Rash Bihari Ravi said…
janam din mubarak ho
At 10:36am on December 29, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 9:29am on November 17, 2010, Admin said…
आशीष जी, मैने अभी चेक किया, आपका ११ ब्लॉग मौजूद है, यदि कोई ब्लॉग आप को नहीं मिल रहा है तो आप उस का शीर्षक लिखकर भेजे, मैं आपको लिंक भेज दूंगा |
धन्यवाद |
At 10:36am on November 9, 2010, sanjiv verma 'salil' said…
आशीष जी!
वन्दे मातरम.
आज अकस्मात् आपकी एक जिज्ञासा पर दृष्टि गयी. आपने 'अनीता' का अर्थ जानना चाहा था. मुझे शब्द कोशों में अनीता शब्द नहीं मिला. मिलते-जुलते अन्य शब्द निम्न हैं:
अनी = नोक. कोर, ग्लानी, कुसमय, समूह, सेना.
अनीत = अन्याय, दुर्व्यवहार, दुष्कर्म.
नीत = ग्रहण किया हुआ, प्राप्त, ले जाया गया.

सामान्यतः नाम शुभ अर्थ में रखे जाते हैं. अतः अंतिम अर्थ को लें तो नीत का स्त्रीलिंग नीता = जिसे ग्रहण किया जा चुका हो = विवाहित. अनीता = जिसे ग्रहण न किया गया हो = अविवाहित.

अन्य अर्थ शुभ न होने क कारण नामादि में ग्रहणीय नहीं हैं. आशा है समाधान होगा.
At 3:36pm on November 2, 2010, Abhinav Arun said…
"महीने का सक्रिय सदस्य" चुने जाने पर मेरी भी बधाई स्वीकार करें |यूँ ही आपके सृजन रथ का कारवाँ चलता रहे यही कामना है |मुबारक हो धारदार लेखनी चलाते रहिये | आप आकाश की ऊँचाइयाँ चूमेंगे !!!! जय हो !!!!
At 10:46am on November 1, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आशीष भाई ओपन बुक्स ऑनलाइन प्रबंधन द्वारा "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) चुने जाने पर आपको बहुत बहुत शुभकामना, बधाई हो बधाई,
At 10:45am on November 1, 2010, Admin said…
आदरणीय Ashish Yadav जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करे |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका प्यार इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन
At 9:59am on November 1, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
OBO प्रबंधन द्वारा महीने के सक्रिय सदस्य चुने जाने पर बहुत बहुत बधाई.....आशा ही नही पूर्ण विस्वास है की आपका सहयोग हमलोगों को निरंतर इसी प्रकार मिलता रहेगा.....

बहुत बहुत बधाई हो....

CONGRATS ASHISH BHAI.....
At 7:42pm on October 14, 2010, sanjiv verma 'salil' said…
प्रिय आशीष जी!
वन्दे मातरम.
हिन्दी के पुराने शब्दकोष में प्रियंका अथवा प्रियंक शब्द नहीं है.
हिन्दी समान्तर कोष (थिसारस) में प्रियंक/प्रियंका का अर्थ प्रसन्नताप्रद (पृष्ठ २१३), आनंदप्रद (पृष्ठ २१४) तथा कल्याणकारी (पृष्ठ ३७९) दिया गया है.
At 8:19am on October 10, 2010, Abhinav Arun said…
स्वागत है आशीष जी
"क्या पता होगा अपना ठिकाना कहाँ,
क्या करें तय की हमको है जाना कहाँ|
मंजिल सामने होके आवाज देगी,
वक़्त के रास्ते हमको आजमाएंगे|
कुछ समय में ......................."
आपकी लेखनी यथार्थ के धरातल पर समय की लकीर खींचती प्रतीत होती है बधाई.
At 12:24am on October 5, 2010, Hilal Badayuni said…
bahut bahut shukriya aashish ji
aap sabhi itni muhabbato se nawaaz rahe hai aur mujhe nibha bhi rahe hai
At 5:27pm on September 6, 2010, Julie said…


Apni Dosti se Nawaazne ka Bahut-Bahut Shukariya 'Ashiah Jee'...!! -Julie :-)
At 9:38am on August 5, 2010, Admin said…
आशीष जी आपका एक भोजपुरी रचना अनुमोदन हेतु प्रबंधन को प्राप्त हुई है,रचना अच्छी है, भोजपुरी रचनाओं को पोस्ट करने के लिये एक "भोजपुरी साहित्य" ग्रुप बनाया गया है, कृपया अपनी रचना वही पोस्ट कर दे, धन्यवाद,
http://www.openbooksonline.com/group/bhojpuri_sahitya

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

AMAN SINHA posted a blog post

नर हूँ ना मैं नारी हूँ

नर हूँ ना मैं नारी हूँ, लिंग भेद पर भारी हूँपर समाज का हिस्सा हूँ मैं, और जीने का अधिकारी हूँ जो है…See More
19 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मिली मुझे शुभकामना, मिले प्यार के बोलभरा हुआ हूँ स्नेह से,दिन बीता अनमोलतिथि को अति विशिष्ट बनाने…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आ. भाई सौरभ जी को जन्मदिन की ढेरों हार्दिक शुभकामनाएँ ।।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तिनका तिनका टूटा मन(गजल) - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२२/२२/२२/२ सोचा था हो बच्चा मन लेकिन पाया  बूढ़ा मन।१। * नीड़  सरीखा  आँधी  में तिनका तिनका…See More
Saturday
आचार्य शीलक राम posted blog posts
Saturday
pratibha pande replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ आदरणीय सौरभ जी"
Saturday

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"दीर्घायुरारोग्यमस्तु,सुयशः भवतु,विजयः भवतु, जन्मदिनशुभेच्छाः"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं आदरणीय सौरभ जी "
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय. सादर"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय. जय-जय"
Saturday
Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जनाब सौरभ पाण्डेय साहिब को यौम-ए-विलादत की दिली मुबारकबाद ।"
Saturday
Admin replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओ बी ओ प्रबंधन टीम के सदस्य, सनातनी छंद ज्ञाता और वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी को जन्म…"
Saturday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service