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आओ एक सपना देखो

आओ एक सपना देखो
और उसपे विश्वास करो
कठिन डगर मिले अगर
गौरव का अहसास करो
आओ एक सपना देखो.....

देखो बाज़ जो होता है
फ़िक्र न करता मेघों की
और जंगल में हाथी भी
क्या चिंता करे है बाघों की
उड़ो सारा आकाश तुम्हारा
डैनों का विकास करो

आओ एक सपना देखो.....

लगातार लगे रहने से
पर्बत बी देता रास्ता है
कोई चीज़ असंभव है
कौन यहाँ ऐसा कहता है

नया इतिहास रच बसने को
रोज यूँ ही प्रयास करो

आओ एक सपना देखो
और उस पे विश्वास करो....

डरो नहीं असफलता से
वो भी तो कुछ सिखाती है
आते आते बड़े कष्ट से
अक्ल दाढ़ अजी आती है

डीप जलाओ मन के भीतर
अंतर में प्रकाश करो

आओ एक सपना देखो
और उस पे विश्वास करो....

जो कहते हैं उन्हें कहने दो
जो डरते,डरते रहने दो
सहते को सहते रहने दो
करते उनको तो करने दो

तुम एक लक्ष्य हो बढे चलो
और मुठ्ठी में इतिहास करो

आओ एक सपना देखो
और उसपे विश्वास करो
कठिन डगर मिले अगर
गौरव का अहसास करो

दण्डपाणि नाहक

मौलिक एवम् अप्रकाशित

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Comment

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Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 20, 2019 at 12:39pm

वाह बहुत ही सुन्दर भाव रचना बधाई

Comment by Samar kabeer on March 12, 2019 at 2:46pm

जनाब दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब,अच्छी कविता है,बधाई स्वीकार करें ।

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