For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

उनके आदर्शो को याद कर ,

उनके आदर्शो को याद कर ,

आइये हम सब मिलकर ,
झूठ ही सही जीवन में उतर लें ,
आज शिक्षक दिवस मना लें ,
ये औपचारिकता ही सही पर ,
वाह-वाही उठाले एक गोष्टी कर ,
उनके आदर्शो को याद कर ,
आइये हम सब मिलकर , 
.
आज सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिन ,
उनके आदर्श व आचरण पे चर्चा के दिन ,
आज के शिक्षक जो लगे हैं ,
पैसे के लिए आदर्श में नंगे हैं ,
आचरण उनकी देख समझकर ,
बच्चे भला समझते दूर रहकर , 
उनके आदर्शो को याद कर ,
आइये हम सब मिलकर , 

 

.
गुरु की गरिमा धूमिल करते ,
छात्र - छात्राओ को ये कहते ,
कभी शारीरिक कभी मानसिक ,
मिटा रहे ये धरातल वास्तविक ,
ये नीचता को आदर्श बनाकर ,
इनके अन्दर का शैतान मिटाकर ,
उनके आदर्शो को याद कर ,
आइये हम सब मिलकर , 

 

Views: 387

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rash Bihari Ravi on January 3, 2012 at 2:58pm

dhanyavad rajesh ji

Comment by Rajesh Kumar Singh on January 3, 2012 at 2:42pm

Ati sunder rachna !

Comment by Rash Bihari Ravi on September 6, 2011 at 3:21pm

dhanyabad amrbarish ji vinas ji satish ji awam sunil ji 

Comment by sunil kumar singh on September 6, 2011 at 1:56pm
bahut sunder guru jee lagal rahin.
Comment by satish mapatpuri on September 6, 2011 at 1:44am

शिक्षक -दिवस को हम उन शिक्षकों को नमन करते हैं जो धर्म -कर्म से शिक्षक हैं--------------

गुरु- गोविन्द दोउ खड़े, काके  लागे पाँय.
बलिहारी गुरु आपने ,  दीन्ह गोविन्द बताय.
जय हो गुरूजी ......... बधाई हो.

 

Comment by वीनस केसरी on September 5, 2011 at 11:55pm

वाह रवि जी

आपकी रचना शिक्षा में आज के माहौल और वातावरण को भी बहुत खूसूरती से प्रस्तुत कर रही है

पढ़ कर अच्छा लगा

Comment by Er. Ambarish Srivastava on September 5, 2011 at 11:13pm

भाई आशीष जी आपने भी सत्य ही कहा है !

Comment by Rash Bihari Ravi on September 5, 2011 at 4:44pm

dhanyabad ashishi ji

Comment by आशीष यादव on September 5, 2011 at 3:52pm

आज शिक्षा का ट्रेंड कुछ बदल सा गया है| आज शिक्षा एक व्यवसाय बनकर रह गया है| किताबी ज्ञानों के अलावा नैतिकता का पाठ पढ़ने वाले शिक्षक बहुत कम मात्र में बचें है| इसका मुख्य कारण कोचिंग ट्यूशन भी हो सकता है| फिर भी गुरु तो गुरु ही है| आज के दिन इसी गोष्टी के बहाने श्रेष्ठ गुरु के आदर्शों को सीख सकते हैं और याद कर सकते है|
शिक्षक दिवस पर रचना के लिए बधाई गुरु जी|

Comment by Rash Bihari Ravi on September 5, 2011 at 3:12pm

sabse pahle aapko dhanyabad

aapki bat saty hain ambarish ji lekin ek machhali pure talab ko ganda kar deti hain waise hi kuch muthi bhar nich guru guruo pe bhari pad gaye hain ,

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post जो नहीं है यार तू पास में तो न रंग-ए-फ़स्ल-ए-बहार हैं (135 )
" भाई   लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  जी आपकी हौसला आफजाई के लिए बहुत बहुत…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Mamta gupta's blog post जो भी ज़िक्रे ख़ुदा नहीं करते
"आ. ममताजी, गजल केप्रयास व ओबीओ परिवार में सम्मिलित होने होने के लिए हार्दिक बधाई।"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post जो नहीं है यार तू पास में तो न रंग-ए-फ़स्ल-ए-बहार हैं (135 )
"आ. भाई गिरधारी सिह जी, खूबसूरत गजल हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
7 hours ago
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल: उठाकर शहंशाह क़लम बोलता है

122 122 122 122उठाकर शहंशह क़लम बोलता हैचढ़ा दो जो सूली पे ग़म बोलता हैये फरियाद लेकर चला आया है…See More
9 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

जो नहीं है यार तू पास में तो न रंग-ए-फ़स्ल-ए-बहार हैं (135 )

ग़ज़ल( 11212 11212 11212 11212 )जो नहीं है यार तू पास में तो न रंग-ए-फ़स्ल-ए-बहार हैंन है बर्ग-ए-गुल…See More
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

मौत का भय है न जिनको जुल्म वो सहते नहीं-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

2122/2122/2122/212है नहीं क्या स्थान जीवन भर ठहरने के लिएजो शिखर चढ़ते हैं सब ही यूँ उतरने के…See More
9 hours ago
Samar kabeer commented on Mamta gupta's blog post जो भी ज़िक्रे ख़ुदा नहीं करते
"मुहतरमा ममता गुप्ता 'नाज़' जी आदाब,ओबीओ पटल पर आपका स्वागत है । ग़ज़ल का प्रयास अच्छा…"
13 hours ago
Deependra Kumar Singh updated their profile
13 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-आख़िर
"आदरणीय उपाध्याय जी हार्दिक आभार आपका..."
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल ( हो के पशेमाँ याद करोगे)
"जनाब आज़ी 'तमाम' साहिब आदाब, जी हाँ ख़ुदा का शुक्र है सब ठीक है आज़ी साहिब। ग़ज़ल पर आपकी…"
18 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -ख़ुद को ऐसे सँवार कर जागा
"धन्यवाद आ. ममता जी "
18 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -ख़ुद को ऐसे सँवार कर जागा
"धन्यवाद आ. समर सर "
18 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service