For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

2122 2122 2122 212

1

उनकी आँखों में उतर कर ख़ुद को देखा है कहाँ

हक़ अभी तक उनके दिल पर इतना अपना है कहाँ

2

आदतें यूँ तो मिलेंगी एक सी लोगों में पर

उनके दिल में एक सा एहसास होता है कहाँ

3

है लड़ाई ख़ुद से अपनी है बग़ावत ख़ुद ही से

बात इतनी सी ज़माना भी समझता है कहाँ

4

चारदीवारी में घर की साथ तो रहते हैं सब

ज़ाविया पर उनके दिल का एक जैसा है कहाँ

5

देख लिया गल कर पसीने में भी हमने रात दिन

बदले में मेहनत के पूरा पैसा मिलता है कहाँ

6

उसके दर पर माँगने से पहले इतना सोच लो

अपना फ़ुर्सत ए शौक़ तुमने यार रक्खा है कहाँ

7

उसके होटों का पियाला पी तो लूँ "निर्मल" मगर

प्यार इतना उसके दिल पर मुझको आता है कहाँ

मौलिक व अप्रकाशित

रचना निर्मल

Views: 290

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' on August 1, 2021 at 10:36pm

मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें।

2122 - 2122 - 2122 - 212

'देख लिया गल कर पसीने में भी हमने रात दिन' 

'अपना फ़ुर्सत ए शौक़ तुमने यार रक्खा है कहाँ'    इन दोनों मिसरों की तक़्तीअ दोबारा कर के देखें।  सादर। 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

डॉ छोटेलाल सिंह commented on Sushil Sarna's blog post अपने दोहे .......
"आदरणीय सुशील सरना जी बहुत ही दमदार दोहे वह भी सन्देशप्रद दिल से बधाई"
11 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आदरणीय अमीर साहब जी बहुत ही सुंदर रचना दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिए"
15 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on नाथ सोनांचली's blog post विदाई के वक़्त बेटी के उद्गार
"आदरणीय सोनांचली जी इस आकर्षक रचना के लिए बहुत बहुत बधाई, शेष परमादरणीय गुरुदेव समर साहब की बातों पर…"
21 minutes ago
नाथ सोनांचली commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - तमन्नाओं को फिर रोका गया है
"आद0 नीलेश भाई जी सादर अभिवादन अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। पढ़कर हम जैसे सीखने वालों को बहुत कुछ मिला।…"
2 hours ago
नाथ सोनांचली commented on नाथ सोनांचली's blog post विदाई के वक़्त बेटी के उद्गार
"आद0 समर कबीर साहब आपको सादर प्रणाम करता हूँ।आपकी रचना पर उपस्थिति ही मेरे लिए आशीर्वाद से कम नहीं…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आदरणीय समर साहब, बाह्य लिंकों को इस पटल पर उद्धृत करने की मनाही है. इसलिए मैंने उद्धरण के तौर पर…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आदरणीय अमीरुद्दीन साहब, यह अच्छा है कि इसी बहाने विधान पर तार्किक चर्चा हो पा रही है जो ओबीओ के पटल…"
2 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-132
"उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार आदरणीय श्रीवास्तव जी"
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-132
"प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद  आदरणीय"
13 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-132
"आदरणीय भाई छोटेलालजी विषय पर अच्छी गजल हुई है| हार्दिक बधाई | गजल विधा के बारे में प्रबुद्धजन…"
14 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-132
"सादर अभिवादन आदरणीय आपने बहुत ही सुंदर लिखा सादर शुभकामनाएं"
14 hours ago
Anjuman Mansury 'Arzoo' posted blog posts
14 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service