For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

mohinichordia
  • Female
Share

Mohinichordia's Friends

  • vinay tiwari
  • राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
  • अरुन 'अनन्त'
  • SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR
  • Kiran Arya
  • shubham jain
  • Nutan Vyas
  • shashiprakash saini
  • Arun Sri
  • siyasachdev
  • Smrit Mishra
  • सुनीता शानू
  • Yogyata Mishra
  • Prabha Khanna
  • Aradhana

kahne ko jashne bahaaraahe

 

mohinichordia's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
chennai,tamilnadu
Native Place
rajasthan
Profession
housewife
About me
interested in literature

mohinichordia's Photos

  • Add Photos
  • View All

Mohinichordia's Blog

सावन आया पिया, मन भाया पिया

सावन आया पिया, मन भाया पिया 

प्यार के रंग में रंगी धानी चूनर

मंगा दो पिया 

प्यार का रंग कितना गहरा?

में भी जानूं पिया…

Continue

Posted on July 26, 2015 at 7:30am — 2 Comments

जीवन की क्षणमंगुरता

मैं

तन्हा, खामोश बैठी,

एक दिन

निहार रही थी

अपना ही प्रतिबिम्ब

खूबसूरत झील में,

कई पक्षी

क्रीड़ा कर रहे थे

नावों में बैठे

कई जोडे़

अठखेलियाँ करती

सर्द हवा को

गर्मी दे रहे थे

झील के किनारे खडे़

ऊँचे-ऊँचे दरख्त

भी हिल रहे थे,

गले मिल रहे थे

तभी एंक चील ने

अचानक तेजी से

गोता लगाया

किनारे आई मछली को

मुँह मे दबा

जीवन क्षणमंगुर है

यह एहसास…

Continue

Posted on February 1, 2014 at 12:02pm — 10 Comments

साया

आज

तुम्हारा प्यार

बना रहा साथ मेरे

साये की तरह

चलता रहा साथ

जहां-जहां मैं गई ।

देता रहा दिलासा

अकेले उदास मन को

जैसे तुम देते थे

मेरे कंधे पर प्यार से थपकी

उसी तरह का दुलार

आज फिर महसूस किया मैंने

जब सांझ की उतरती

गहरी उदासी ने

घेर लिया मन को मेरे ।

तुम ही नहीं

तुम्हारा प्यार भी जानता था

कि सांझ,

मुझे उदास कर देती है ?

शायद इसीलिए,

साये की…

Continue

Posted on January 20, 2014 at 9:00am — 10 Comments

पतंगबाजी उर्फ तमन्नाओं की ऊँची उड़ान

पतंगबाजी उर्फ तमन्नाओं की ऊँची उड़ान

तमन्नाओं की ऊँची उड़ान

का आभास हुआ

जब कुछ बच्चों को

घर की मुंडेर

पर चढ़कर

पतंग उड़ाते देखा

अलग अलग रंगों की

छटा बिखेरती,

ऊँची और ऊँची

चढ़ रही थी

आसमान में

परिंदे उड़ते हैं जैसे ।

मेरी पतंग ही रानी है

शायद यही सोचकर

लड़ाया पेंच एक बच्चे ने

दूसरी पतंग…

Continue

Posted on January 7, 2014 at 10:30am — 8 Comments

mohinichordia's Videos

  • Add Videos
  • View All

Comment Wall (15 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:33pm on December 25, 2011, Shanno Aggarwal said…

आप सभी की आभारी हूँ...सबको मेरा हार्दिक धन्यबाद. और ओ बी ओ के सभी सदस्यों को आने वाले नव बर्ष की अनेकों शुभकामनायें. 

At 8:34pm on December 2, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 5:30pm on October 14, 2011, Aradhana said…

मोहिनी जी, आप सब की कुशाग्रता से बहुत कुछ सीख रही हूँ.आपका बहुत शुक्रिया,सादर,आराधना

At 2:30pm on October 6, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आपकी रचना ’आत्म-जागरण’ को माह की सर्वश्रेष्ठ रचना चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाइयाँ.

आपकी उपस्थिति और अनवरत संलग्नता इस मंच को नई ऊँचाइयाँ का कारण बने .. .

At 1:05pm on October 6, 2011, Admin said…

आदरणीया मोहिनी चोरडिया जी,

सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आप की रचना "आत्म जागरण" को महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना (Best Creation of the Month) के रूप मे सम्मानित किया गया है, तथा आप की छाया चित्र को ओ बी ओ मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया गया है |
इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे,धन्यवाद,
आपका
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 1:19pm on October 3, 2011, Rash Bihari Ravi said…

dhanyavad ji

At 3:40pm on September 3, 2011, Deepak Sharma Kuluvi said…

AAPKI RACHNAAYEN BAAR BAAR PADNEN KO JI CHAHATA HOON

At 3:39pm on September 3, 2011, Deepak Sharma Kuluvi said…

SHUKRIYA MADAM

At 5:43pm on September 1, 2011, Deepak Sharma Kuluvi said…

aapki har rachna aik se bad kar aik hai

 

deepak kuluvi

At 3:21pm on August 21, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हवा भी दिलजली होगी-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

१२२२/१२२२ जहाँ पर रोशनी होगी वहीं पर तीरगी होगी।१। * गले तो  मौत  के लग लें खफ़ा पर जिन्दगी…See More
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-आख़िर
"आ. भाई ब्रिजेश जी, अभिवादन। बहुत खूबसूरत गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
12 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल-आख़िर

1222     1222     1222      1222छुड़ाया  चाँद ने  दामन अँधेरी  रात में  आख़िरपरेशां  हूँ कमी  क्या है…See More
19 hours ago
Ram Ashery posted a blog post

हम होगें कामयाब

आज अपने मकसद को पाने में हम होगें कामयाब मन में रख विश्वास, महामारी से जंग जीत जायेगें कुदरत के…See More
19 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-127
" जी, प्रतिभा जी, आपने सही  कहा ! विषय को दृष्टिगत रखते हुए अच्छा  प्रयास  है…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-127
"इस सकारात्मक गीत सृजन पर हार्दिक बधाई आदरणीय चेतन प्रकाश जी"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-127
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी   ये एक छंदमुक्त/ अतुकान्त रचना है। सादर"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-127
"हार्दिक आभार आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-127
"आदरणीया, प्रतिभा  पांडे  जी, नमस्कार ! रचना  किस विधा  में है, आपने, विदुषी,…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-127
" आ. भाई लक्ष्मण जी सप्रेम  व॔दे ! आप का अतिशय  आभार  कि आप …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मातृ दिवस पर ताजातरीन गजल -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई आज़ी तमाम जी, अभिवादन । गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए धन्यवाद।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मातृ दिवस पर ताजातरीन गजल -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई शून्य आकाशी जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति व सराहना के लिए धन्यवाद।"
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service