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नादिर ख़ान
  • Male
  • Bilaspur,chhattisgarh
  • India
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नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-167
"आदरणीय अमित जी बेहतरीन गजल के लिए मुबारकबाद आपको ..."
May 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जनाब  ज़ैफ़ साहब बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई बहुत मुबारकबाद आपको ... 5वें शेर में पैरों के आबलों का काँटों से संबंध मुझे समझ नहीं आया...माज़रत के साथ ..."
Feb 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"ग़ज़ल के अशआर में कुछ संशोधन किया है कृपया अपने सुझाओ दें ..   मा’ना बहुत से ऐब हैं इस (मुझ) ख़ाकसार में लेकिन वफ़ा के फूल हैं मेरे दयार में ...1   किरदार का करे है मेरे क़त्ल एक शख़्स जो ढूँढ़ता है मुझको फ़क़त इश्तिहार में....3   नाज़ों…"
Feb 24
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय संजय शुक्ला जी उम्दा गज़ल हुई बधाई ..."
Feb 23
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय अजय गुप्ता जी अच्छी गज़ल हुई मुबारकबाद स्वीकारें अमित जी के सुझाओ क़ाबिल-ए-ग़ौर हैं ."
Feb 23
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय  जयनित कुमार जी अच्छी गज़ल हुई, सुझाओ भी अच्छे आए बधाई स्वीकारें  ."
Feb 23
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय अमित जी शानदार ग़ज़ल के लिए ढेरों मुबारकबाद आपको ..."
Feb 23
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जनाब शिज्जु "शकूर साहब उम्दा गजल हुई बहुत बधाई ... क्यों अपनी बह्स में उन्हें तुम खींच लाए हो बरसों से सो रहे हैं जो अपने मज़ार में इस शे'र के लिए विशेष बधाई ...."
Feb 23
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आए सुकून कैसे दिल-ए-बे-क़रार में जलता है रात दिन ये तेरे सोगवार में …1   किस मुँह से दिल करूँ मैं भरोसे की बात जब   हारा है तुझको मैंने सदा ए'तिबार में ...2   किरदार का करे है मेरे क़त्ल रात दिन इक शख़्स ढूँढ़ता है मुझे…"
Feb 23
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीया बहुत शुक्रिया ...."
Dec 29, 2023
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय नीलेश जी इस्लाह का बहुत शुक्रिया ..."
Dec 29, 2023
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय अजय जी ग़ज़ल का अच्छा प्रयास रहा गुणीजन की उम्दा इस्लाह...."
Dec 29, 2023
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय गजेंद्र जी अच्छी ग़ज़ल हुई, बधाई... जनाब समर साहब की उम्दा इस्लाह "
Dec 29, 2023
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"हौसला अफ़जाई  का बहुत शुक्रिया आदरणीय गजेंद्र जी "
Dec 29, 2023
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"जनाब समर कबीर साहब इस्लाह का बहुत शुक्रिया "
Dec 29, 2023
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीया मंजीत कौर जी ग़ज़ल के लिए बधाई, मतला अच्छा लगा बाक़ी अश'आर कुछ और वक़्त चाहते हैं | सादर"
Dec 29, 2023

Profile Information

Gender
Male
City State
Bilaspur,chhattisgarh
Native Place
Bhilai Nager,Chhattisgarh
Profession
govt. employee
About me
simplicity

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हाइकू

1

इंसानी भूल

लापरवाह लोग

धूल ही धूल

2

प्यारी सी धुन

सुबह का मौसम

प्यार से सुन 

3…

Continue

Posted on December 29, 2017 at 10:30pm — 4 Comments

क्षणिकाएँ

1.

शायद आज बच जाओ

साम दाम दण्ड भेद से

मगर एक कैमरा

नज़र रखे है

हर करतूत पर

बिना साम दाम दण्ड भेद के .....

 

2.

मत उलझाइये खेल

मत कीजिये घाल-मेल

सीधी है ... सीधी ही रहने दीजिये

जिंदगी की रेल

 

3.

उठ रहे हैं बच्चे

सूरज के जागने से पहले

ठिठुर रहे हैं बच्चे

पीठ में बोझ लिए

झेल रह हैं बच्चे

भविष्य का दण्ड…

Continue

Posted on December 25, 2017 at 1:30pm — 10 Comments

बीमार?

उसे होश में आया देख डॉक्टर का नुमाइंदा पास आया और फरमान सुनाने लगा । अपने घर बात करके  15 हज़ार रुपये काउंटर में जमा करवा दो बाकि के पैसे डिस्चार्ज के समय जमा करा देना । मगर साहब मै बीमार नहीं, बस दो दिन से भूखा हूँ। उसकी आवाज़ घुट के रह गई, नुमाइंदा जा चुका था ।

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on December 9, 2017 at 10:00pm — 12 Comments

क्षणिकाएँ

     

1. 

उतारिए चश्मा

पोछिये धूल

चीज़ें खुदबखुद... साफ़ हो जाएँगी ।

 

 

2.

ज़रूरी है… सफाई अभियान

शुरुआत कीजिये

दिल से ....

 

3.

गंदगी सिर्फ मुझमे ही नहीं

तुम में भी है मित्र

ज़रा अंदर तो झाँको ....

 

4.

जब ईमान गिरवी हो

ज़मीर बिक चुका हो

कौन उठायेगा बीड़ा

समाज की सफाई का ....

 

5.

साफ़ नहीं होती गंदगी

बार बार उंगली दिखाने…

Continue

Posted on November 26, 2017 at 8:00pm — 10 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 10:50pm on April 20, 2017, Dr Ashutosh Mishra said…
आदरणीय नादिर जी आपका दोस्त बनना मेरे लिए सुखद अहसास वाला है सादर
At 9:34pm on February 3, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
आदरणीय नादिर खान सर, ओबीओ परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।
At 5:50pm on November 18, 2015, pratibha pande said…

 आपका हार्दिक आभार आदरणीय  

At 10:05pm on April 3, 2014, Mukesh Verma "Chiragh" said…

नादिर जी
आपको मित्र रूप मे पाकर मुझे बहुत खुशी हुई.
खुश रहिए.. धन्यवाद

At 1:08pm on January 4, 2014, Razia mirza said…

बहोत बहोत शुक्रिया ओ बी ओ परिवार में मुझे शामिल करने के लिये।

At 7:58pm on November 20, 2013, annapurna bajpai said…

हमारे ओबीओ परिवार एवं मेरी मित्र मंडली मे आपका हार्दिक स्वागत है । 

At 7:07pm on April 23, 2013, Usha Taneja said…

मित्रता स्वीकार के लिए हार्दिक धन्यवाद! 

At 11:51pm on February 22, 2013, बृजेश नीरज said…

आपने मुझे मित्रता योग्य समझा इसके लिए आपका आभार!

At 12:55pm on February 3, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

सालगिरह मुबारक हो, अपका और हमारा स्नेह और सहयोग बना रहे, यही दुआ करते है 

At 3:08pm on December 9, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

बे ज़ार= अप्रसन्न, क्रोधी 

 
 
 

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