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Ashok Kumar Raktale
  • Male
  • Ujjain,M.P.
  • India
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Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"लिए गोद में नार नवजात है।किसी के लिए ना नयी बात है।।नयी सोच के जन नयी है सदी।तभी सीट उस को किसी ने न दी।।*.....बुरी आदतें प्रथा सी बनती जा रही है. आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर प्रदत्त चित्र पर सुंदर शक्ति छंद रचे हैं आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी सादर, प्रदत्त चित्र पर सुंदर शक्ति छंद रचे हैं आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"सभी युवतियाँ मास्क पहनी हुईबिचारी दुपट्टा लपेटे हुई.........वाह ! चित्र को बहुत बारीकी से निरखने का ही परिणाम है आपकी रचना में ऐसी पंक्ति का आना. आदरणीय मुकुल कुमार जी सादर, बहुत सुंदर रचना हुई है आपकी. आपने मात्रा क्रम का तो खूब ध्यान रखा है,…"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"न शिक्षा सही है न संस्कार है| बिगड़ते युवा देश लाचार है||...........सही कहा है आपने. कहीं न कहीं हम सभी से चूक हो रही है. इसीकारण यह परिवेश निर्माण हो रहा है. आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब बहुत सुंदर छंद प्रदत्त चित्र पर रचे हैं आपने. हार्दिक…"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"दिखे अब नहीं दीन में आस है।नई पीढ़ियों से न विश्वास है।......बहुत कड़वी सही किन्तु यही यथार्थ है. आदरणीया दीपांजलि जी बहुत सुंदर छंद रचे हैं आपने प्रदत्त चित्र पर. बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी सादर, प्रदत्त चित्र के मर्म को पकड़ कर बहुत सुंदर शक्ति छंद रचे हैं आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय मुकुल कुमार जी सादर नमस्कार, प्रस्तुत छंद रचना को चित्रानुरूप पाने के लिए आपका हार्दिक आभार. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर नमस्कार, प्रस्तुत छंद रचना की सराहना हेतु हार्दिक आभार. सही कहा है आपने. असावधानी से 'तो' शब्द अंतिम छंद में आया है. सादर."
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया दीपांजलि  दुबे जी सादर नमस्कार, प्रस्तुति छंद रचना की सराहना हेतु आपका अतिशय आभार. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रस्तुत छंदों की सराहना हेतु हृदय से आभार आपका. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी. सादर"
Nov 21
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-127 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्ति छंद   दिखे मात्र कोना लगे यान है । किसी को न कोई यहाँ भान है । नहीं दीन का आज भी मान है । तभी खींचता चित्र यह ध्यान है ।।   सभी जा रहे हैं यहाँ से वहाँ । सफ़र हो रहा है निरंतर यहाँ । कहीं नेट पर है किसी का गगन । कहीं फ़िक्र कल की किये…"
Nov 20
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Oct 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई साहब, हिन्दी ग़ज़लों की तासीर ही विशिष्ट हुआ करती है. मुलायम नर्म मलमल की अनुभूति से विगत के पलों का स्मरण किया जाना रोचक तो है ही,अभिनव भी है. अलबत्ता बादल वाले शेेर में विशेषण 'मस्त' पर कुछ और समय दिया जा सकता…"
Sep 30
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय विजय निकोर साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से आभार. सादर"
Sep 30
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार आदरणीय दण्डपाणी नाहक साहब .सादर"
Sep 30

Profile Information

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Male
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Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
service
About me
I am a technical person and always talk in right angle.

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Ashok Kumar Raktale's Blog

ग़ज़ल

1222 1222 1222



मिला था जो हमें पल खो दिया हमने

मुलायम नर्म मखमल खो दिया हमने ।

*

बचा रख्खे हैं यादों के नुकीले शर

मज़े से झूमता कल खो दिया हमने ।

*

उड़ा दी खुशबुएँ जो साथ रहती थीं

गँवा दी उम्र संदल खो दिया हमने ।

*

मुहब्बत नाम से हर दिन जिहालत की

सुकूँ था एक आँचल खो दिया हमने ।

*

सवालों पर सवालों की थीं बौछारें

जवाब आए तो संबल खो…
Continue

Posted on September 22, 2021 at 8:00pm — 10 Comments

गज़ल

 221 1222 221 1222

 

उसकी ये अदा आदत इन्कार पुराना है

बेचैन नहीं करता ये प्यार पुराना है ।

 

ये हुस्न नया पाया उसने है सताने को

ये जिस्म तमन्नाएं इसरार पुराना है ।…

Continue

Posted on June 4, 2020 at 10:30pm — 11 Comments

गज़ल

उठाओ नजर रहगुज़र देख लो ।

यहाँ जिन्दगी का सफ़र देख लो ।

 

नियम कायदे तो बने हैं कई

मगर भंग हैं सब जिधर देख लो ।

 

न भय है न चिंता न है शर्म ही

बना है बशर जानवर देख लो ।

 

कहीं लूट है तो कहीं क़त्ल है

किसी भी नगर की ख़बर देख लो ।

 

गले मिल रहे दोस्त खंजर लिए

बदलते समय का असर देख लो ।

 

करें फ़िक्र उनकी जो हैं नापसंद

सियासत का है ये हुनर देख लो ।

 

बिछा हर तरफ सिर्फ कंक्रीट…

Continue

Posted on October 2, 2019 at 10:00pm — 8 Comments

सावन आया है

फेलुन फेलुन फेलुन फेलुन

 

गुपचुप उसपर मन आया है

लगता है सावन आया है

 

महका है हर कोना-कोना

अम्बर से चन्दन आया है

 

देखो नभ पर छाये बादल

दूल्हा ज्यों बनठन आया है 

 

भीग रही है प्यासी धरती

ज्यों बीता यौवन आया है

 

रह-रह नाच रही हैं बूँदें

राधा का मोहन आया है

 

झूला झूल रही हैं सखियाँ

सज रक्षा बंधन आया है

 

कागज़ की नैया ले आओ

याद मुझे बचपन आया…

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Posted on November 30, 2018 at 9:00am — 9 Comments

Comment Wall (26 comments)

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At 9:23am on April 21, 2020, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी सादर प्रणाम !बहुत धन्यवाद ! कुण्डलिया के लिए बिलकुल नया हूँ ये दूसरी ही कोशिश है आशा है आप के सानिध्य से कुछ सीख सकूंगा !
आपने ऐसे संशोधित किया वाह्ह्हह्ह्ह्ह क्या कहूँ बेहतरीन ! आपकी कृपा बनी रहे !
At 10:20pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने का
At 3:43pm on September 4, 2016, kanta roy said…
सार्थक रचना का सम्मानित होना अच्छा लगता ही है।
"मन उस आँगन ले जाय" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित होने के लिये बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय अशोक जी।
At 11:52pm on August 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  गीतिका : मन उस आँगन ले जाय को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 5:31pm on July 23, 2014, seemahari sharma said…
बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक रकताले जी।
At 8:43pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीय रक्ताले जी बहुत बहुत धन्यवाद। वस्तुतः विषय तो चिंतनीय है ही .
At 5:01pm on July 26, 2013, Dr Ashutosh Vajpeyee said…

ashok ji apne Mujhe aur Om neerav ji ko FB par Block kar diya is baat se ham logon ko ateev kasht hua hai ham dono hi yah jaan lena chahtey hain ki kis apradh ke liye apne hame yah dand diya aur kavita lok group kyon chhoda,,,,uttar ki prateeksha me me vyagra hoon

At 10:35am on June 10, 2013, D P Mathur said…

आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले सर हौंसला बढ़ाने के लिए आपका आभार !

At 6:13pm on May 8, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आदरणीय इसी तरह आशीर्वाद बनाए रखें 

हार्दिक आभार 
At 7:40pm on May 4, 2013, Dr Dilip Mittal said…

आपके प्रोत्साहन भरे भावों के लिए शुक्रिया 

 
 
 

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