For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अमीरुद्दीन 'अमीर'
  • Male
  • बाग़पत, उत्तर प्रदेश.
  • India
Share

अमीरुद्दीन 'अमीर''s Friends

  • Aazi Tamaam
  • Dimple Sharma
  • Anil Kumar Singh
  • रवि भसीन 'शाहिद'
  • Abrar Ahmed
  • Krish mishra 'jaan' gorakhpuri
  • Samar kabeer
 

अमीरुद्दीन 'अमीर''s Page

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, इतने मुश्किल क़वाफ़ी अगर चन्द अशआर में भी बहतर तरीक़े से निभा दिये जाएँ तो बहुत है, और आप माशाअल्लाह ये काम बख़ूबी कर चुके हैं, बहरहाल परिमार्जन का अच्छा प्रयास है, आठवें शे'र का बदलाव बहतर है। …"
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से शुक्रिया।  सादर।"
3 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से शुक्रिया। सादर।"
3 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"मुहतरमा दीपांजलि दुबे जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें। सादर। "
13 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जी। भूल से ऐसा हुआ। शुक्रिया। "
13 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब आज़ी तमाम साहिब आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें। सादर। "
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"मुहतरमा राजेश कुमारी जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश करता हूँ। मुहतरम समर कबीर साहिब की इस्लाह पर ग़ौर कीजियेगा। सादर।"
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"लीजिए उस्ताद मुहतरम की मुहर भी लग गई है। "
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"मुहतरमा रोज़ीना दिघे जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से शुक्रिया। 'हो गया है इश्क़ तुमसे मिस्ल हैं परवाना हम जानते हैं ख़ाक होंगे दे के दिल नज़राना हम'   मतले में बदलाव किया है,…"
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब संजय शुक्ला जी आदाब, तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही है आपने मुबारकबाद पेश करता हूँ। सातवाँ और आठवाँ शे'र ख़ूब हुए हैं। समर साहिब की इस्लाह पर ग़ौर कीजियेगा। सादर।"
16 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"मुहतरमा रोज़ीना दिघे जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का उम्दा प्रयास है मुबारकबाद पेश करता हूँ।आपकी ग़ज़ल के ज़रिए समर कबीर साहिब की इस्लाह से बहुत कुछ सीखने का मौक़ा मिला है ग़ौर कीजियेगा। 'जाम आँखों से पी कर हो जाते हैं मस्ताना हम'  इस…"
16 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"शुक्रिया मुहतरम।"
16 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"मुहतरमा रोज़ीना जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें। मुहतरम समर कबीर साहिब ने बहतरीन इस्लाह से नवाज़ा है बधाई।"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब, तरही मिसरे ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें। मुहतरम समर कबीर साहिब की इस्लाह पर ग़ौर कीजियेगा। सादर।"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का उम्दा प्रयास है बधाई स्वीकार करें। समर कबीर साहिब की इस्लाह पर ग़ौर कीजियेगा।  सादर।"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आदरणीय सालिक गणवीर जी आदाब, तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही है आपने मुबारकबाद पेश करता हूँ। सादर। "
17 hours ago

Profile Information

Gender
Male
City State
BAGHPAT , UTTAR PRADESH.
Native Place
BARAUT
Profession
Private job
About me
उर्दु शायरी हिन्दी में लिखने और पढ़ने का शौक़ है॥

अमीरुद्दीन 'अमीर''s Blog

ग़ज़ल (परछाईयाँ)

221 - 2121 - 1221 - 212

आईं   हैं  जब  से   रास  ये  तन्हाईयाँ  हमें 

अपनी  ही  अजनबी  लगें  परछाईयाँ  हमें

ख़ल्वत के अँधेरों  में था  हासिल हमें सुकूँ 

तड़पा  रहीं  हैं  कितना   ये  रानाइयाँ  हमें 

देखा न जाता हमसे किसी को भी ग़मज़दा 

भातीं  नहीं  किसी  की  भी रुस्वाईयाँ  हमें 

जिसको  दिया  सहारा  उसी ने दग़ा किया 

कितना  सता  रहीं   हैं  ये  अच्छाईयाँ  हमें 

रानाइयों   से  दूर   निकल  आए …

Continue

Posted on July 25, 2021 at 4:46pm — 2 Comments

ग़ज़ल (मसनदों पर आज बैठे हो नहीं बैठोगे कल)

2122  -  2122  -  2122  -  212 

फ़ाइलातुन-फ़ाइलातुन-फ़ाइलातुन-फ़ाइलुन

(बह्र- रमल मुसम्मन् महज़ूफ़)



मसनदों  पर  आज  बैठे  हो  नहीं  बैठोगे  कल

फ़र्श  पर आ जाओ वैसे  भी यहीं  बैठोगे  कल

देना  होगा  पूरा-पूरा  साहिबो  तुमको   हिसाब

रू-ब-रू नज़रें  मिलाकर  यूँ  नहीं  बैठोगे  कल

आज तुम हो होगा कल हाकिम ज़माना देखना

जाग उट्ठा है बशर अब  छुप कहीं  बैठोगे  कल…

Continue

Posted on July 11, 2021 at 3:54pm — 6 Comments

ग़ज़ल (मेरी माँ)

2122 - 2122 



तू  शफ़ीक़-ओ-मह्रबाँ  है

तुझसा माँ  कोई कहाँ  है



तेरे आँचल  का  ये साया 

मुझको जन्नत का गुमाँ है



तेरा  दामन  मेरी  दुनिया 

औ क़दम  सारा जहाँ  है



रंज हो या  हो ख़ुशी बस

तू सदा  ही ख़ुश-बयाँ  है



बिन  तेरे  ये  ज़िन्दगी तो

ख़ाक़ है या फिर धुआँ है    



तेरे  दामन  के ये  रौज़न    

माँ  ये  मेरी कहकशाँ …

Continue

Posted on July 10, 2021 at 6:47pm

कोविड 19 - 2021

221 - 2121 - 1221 - 212 

है कौन  ऐसा  जिसको  यहाँ आज  ग़म नहीं 

हर दिल में याद यादों के नश्तर भी कम नहीं 

दहलाता हर किसी को ये मंज़र है ख़ौफ़नाक

साँसें  हुईं   मुहाल  कि  मसला  शिकम  नहीं 

ग़म  को  वसीह  करते  ये अटके  हुए  बदन

नदियों के तट भी गोर-ए-ग़रीबाँ से कम नहीं 

आई  वबा ये कैसी  कि मातम  है  हर तरफ़ 

ग़मगीन  चहरे  लाशों पे  लाशें भी कम नहीं 

मस्कन भी थी ये गंगा है मद्फ़न भी आज…

Continue

Posted on July 2, 2021 at 11:15pm — 17 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:21pm on March 9, 2020, Samar kabeer said…

जनाब अमीरुद्दीन साहिब,ओबीओ पर आपका स्वागत है,मैं हर ख़िदमत के लिए हाज़िर हूँ ।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आदरणीया  Rozina Dighe जी सादर  अभिवादन  ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और सराहना के…"
38 seconds ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आदरणीया Rachna Bhatia जी सादर  अभिवादन  ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और सराहना के लिए…"
1 minute ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। पुनः उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार । सुधार में कोई त्रुटि…"
15 minutes ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आ गए बस दे के अपनी जान का नज़राना हम वो कि गोया कोई शम्मा और ज्यूँ परवाना हम उनको लगता था हुए हैं…"
20 minutes ago
Rozina Dighe replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"नमस्कार आ.लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी बहुत बहुत शुक्रिया!"
1 hour ago
Manan Kumar singh posted a blog post

जाति गणना

'हम जातीय आधार पर विकास की योजनाएं बनाएंगे।''क्या अमीर -गरीब जाति के आधार पर होते हैं?' बाबा ने…See More
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, इतने मुश्किल क़वाफ़ी अगर चन्द अशआर में भी बहतर तरीक़े से…"
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल…"
3 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जनाब दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से…"
3 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
" अच्छी ग़ज़ल आदरणीय मुसाफिर जी ।बाकी उस्ताद जी की सलाह से बहुत कुछ सीखने मिला।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। उत्साहवर्धन के लिए आभार.."
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आ. रोजीना जी, अभिवादन । प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
3 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service