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मिथिलेश वामनकर's Discussions (7,390)

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"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, प्रदत्त चित्र अनुसार कह मुकरी का बहुत बढ़िया हुआ है। इस प्रस्…"

मिथिलेश वामनकर replied Sep 21, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 171

50 Sep 22, 2025
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय अशोक रक्ताले सर, मेरे प्रयास को मान देने के लिए हार्दिक आभार। अंतिम पद कह मुक…"

मिथिलेश वामनकर replied Sep 21, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 171

50 Sep 22, 2025
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय मेरे प्रयास को मान देने के लिए हार्दिक आभार। आपके मार्गदर्शन अनुसार पुनः प्रय…"

मिथिलेश वामनकर replied Sep 21, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 171

50 Sep 22, 2025
Reply by Saurabh Pandey

"रात दिवस केवल भरमाए। सपनों में भी खूब सताए। उसके कारण पीड़ित मन। क्या सखि साजन! नहीं…"

मिथिलेश वामनकर replied Sep 20, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 171

50 Sep 22, 2025
Reply by Saurabh Pandey

"दोहे सिरजे आपने, करते जल गुणगान। चित्र हुआ है सार्थक, इनमें कई निदान।। सारे दोहे आप…"

मिथिलेश वामनकर replied May 18, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 167

103 May 18, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"धूप छांव में यूं भला, बहुत अधिक है फर्क। शिज़्जू भाई कर रहे, गर्मी में भी तर्क।। तृष…"

मिथिलेश वामनकर replied May 18, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 167

103 May 18, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"मेघ, उमस, जल, दोपहर, सूरज, छाया, धूप। रक्ताले जी आपने, दोहे रचे अनूप।।  नए अर्थ में…"

मिथिलेश वामनकर replied May 18, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 167

103 May 18, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"काल करे बेहाल सा, व्याकुल नीर समीर।मोम रोम सबसे लिखी, इस गर्मी की पीर।। वन को काट उ…"

मिथिलेश वामनकर replied May 18, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 167

103 May 18, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"दोहा छंद गर्मी में है वायरल, नया नवेला ट्रेंड।प्यास कहे बोतल सुनो,तुम ही सच्ची फ्रे…"

मिथिलेश वामनकर replied May 18, 2025 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 167

103 May 18, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, मेरे प्रयास को मान देने के लिए हार्दिक आभार आपका। सादर"

मिथिलेश वामनकर replied Aug 19, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 158

62 Aug 19, 2024
Reply by Ashok Kumar Raktale

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"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
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"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
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Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
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Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
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बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
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vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
Jul 5

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