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अजेय's Discussions (956)

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"दर्दे-दिल को मिल गया मौका उभरने के लिए किसने बोला था उन्हें इतना सँवरने के लिए + सोच…"

अजेय replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

"अच्छे दोहे कहे हैं लक्मण भाई"

अजेय replied Apr 16 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126

25 Apr 16
Reply by Ashok Kumar Raktale

"क्षमा चाहूंगा चेतन जी। किन्तु जितना मैं जितना समझ पा रहा हूँ, इसमें मात्राएँ हीं हैं…"

अजेय replied Apr 16 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-126

25 Apr 16
Reply by Ashok Kumar Raktale

"शुक्रिया लक्ष्मण भाई। "

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"अच्छी तरही ग़ज़ल के लिए बहुत दाद मैथानी जी"

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल हुई जनाब नाकाम जी। बहुत बहुत दाद"

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"ग़ज़ल पर अच्छी उपस्थिति दर्ज हुई नादिर भाई। बहुत ख़ूब"

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"बहुत अलग अंदाज़ के अशआर मनीष जी। बहुत अच्छे लगे।"

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"आदाब आदरणीय। आपके आने , हौसला देने और मेरी तबीयत का ख़्याल रखने के लिए आभार समर साहब।…"

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

"1 था पुलाव, शाही पनीर था, चपातियाँ रूमाली थीं मगर हुकूमत की दावत में चीजें सभी ख़याली…"

अजेय replied Sep 26, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-123

403 Sep 26, 2020
Reply by Samar kabeer

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2122 2122 2122 2121उनकी आँखों में उतर कर ख़ुद को देखा है कहाँहक़ अभी तक उनके दिल पर इतना अपना है…See More
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"ओ के, जनाब, मुसाफ़िर, आपकी ग़ज़ल आपकी नज़र, आदाब  ! "
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हमने तो देखा बीज न खेतों में डालकर -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. रचना बहन, सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति और स्नेह से मन हर्षित है । हार्दिक धन्यवाद ।"
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हमने तो देखा बीज न खेतों में डालकर -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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"आदरणीय अनीस अरमान जी नमस्कार। बेहतरीन ग़ज़ल हुई।रदीफ़ पर विशेष बधाई स्वीकार करें।"
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Rachna Bhatia commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हमने तो देखा बीज न खेतों में डालकर -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी भाई नमस्कार। अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई।"
12 hours ago
Chetan Prakash commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हमने तो देखा बीज न खेतों में डालकर -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदाब,, आदरणीय भाई,  लक्ष्मण सिंह मुसाफ़िर., शुभ प्रभात  ! मतले में रब्त न होने की वज़ह,…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उसके हिस्से में क्यों रास्ता कम है- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन । लम्बे अंतराल के बाद आपकी उपस्थिति से हर्षित हूँ। आपकी व भाई समर जी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post उसके हिस्से में क्यों रास्ता कम है- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। गजल पर पुनः उपस्थिति और मार्गदर्शन के लिए आभार। आपकी समझाइस समझ गया…"
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