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Tasdiq Ahmed Khan's Discussions (5,157)

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"लघुकथा - इन्तज़ार (प्रतीक्षा)बनारस दोस्त की शादी में शिरकत करने के लिए अजय रेल्वे स्…"

Tasdiq Ahmed Khan replied on Friday to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-90 (विषय: प्रतीक्षा)

93 yesterday
Reply by रवि भसीन 'शाहिद'

"जनाब नाथ साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"मुहतरमा रिचा साहिबा,  ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया"

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"जनाब अशोक कुमार साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"जनाब अनिल साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया. रदीफ़…"

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"जनाब अमीर साहिब आदाब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"जनाब रवि भसीन साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया  ह…"

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"जनाब समर साहिब आदाब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी इस हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"ग़ज़लदिल ने सह कर सितम कहा है यह lख़ुश रहें वो मेरी दुआ है यह lफूल सूखा उठा के वो बो…"

Tasdiq Ahmed Khan replied on Tuesday to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-147

439 on Wednesday
Reply by Samar kabeer

"जनाब मोहन बागोवाल जी, सुन्दर लघुकथा हुई है, मुबारक बाद कुबूल फरमाएं "

Tasdiq Ahmed Khan replied Aug 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-89 (विषय: बाज़ार)

49 Aug 31
Reply by Chetan Prakash

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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
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"पुन: आगमन पर आपका धन्यवाद। "
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी posted a blog post

ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)

2122 - 2122 - 2122 - 212वो जो हम से कह चुके वो हर बयाँ महफ़ूज़ हैदास्तान-ए-ग़ीबत-ए-कौन-ओ-मकाँ…See More
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"आदरणीय महेंद्र जी, लघुकथा को आपने इज्जत बख्शी। आपका शुक्रिया। "
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"आदरणीय महेंद्र कुमार जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया, जनाब…"
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Mahendra Kumar commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post मरती हुई नदी (नवगीत)
"पर्यावरणीय चिन्ताओं पर बढ़िया नवगीत लिखा है आपने आ. धर्मेन्द्र जी। हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए। कृपया…"
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Mahendra Kumar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (उठाओ जितनी भी चाहे क़सम ज़माने की)
"वैसे दूसरा शेर बेहतर हो सकता है।"
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Mahendra Kumar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (उठाओ जितनी भी चाहे क़सम ज़माने की)
"अच्छी ग़ज़ल हुई है आ. अमीरुद्दीन जी। हार्दिक बधाई प्रेषित है। "
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Mahendra Kumar commented on जयनित कुमार मेहता's blog post इक वह्म ऐतबार से आगे की चीज़ है (ग़ज़ल)
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