For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरा कच्चा मकान क्या करता (ग़ज़ल 'राज')

२१२२  १२१२    २२

बात खाली मकान क्या करता

दास्ताँ वो बयान क्या करता 

 

पंख कमजोर हो गये मेरे  

लेके अब  आसमान क्या करता 

उसकी  सीरत ने छीन ली सूरत

उसपे सिंघारदान क्या करता 

 

रूठ जाते मेरे सभी अपने

चढ़के ऊँचे मचान क्या करता

 

नींव में झूठ की लगी दीमक 

लेके ऐसी दुकान क्या करता

 

बाढ़ में ढह गये महल कितने    

मेरा कच्चा मकान क्या करता

 

मौन सब थे निजाम की सुनकर

मैं चलाकर  जुबान क्या करता

 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

 

Views: 217

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on Monday

बहुत बहुत शुक्रिया आद० आशीष श्रीवास्तव जी 

Comment by Ashish shrivastava on Sunday
बेहतरीन ग़ज़ल है , आदरणीया ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 1, 2017 at 6:27pm

आदरणीय सी एम उपाध्याय जी आपको ग़ज़ल पसंद आई बहुत बहुत आभार शुक्रिया |

Comment by C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" on August 1, 2017 at 2:03pm

आदरणीया  rajesh kumari जी ,
वाह वाह ! क्या खूब ग़ज़ल कही है !! मेरी दिली बधाई स्वीकार करें | 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 29, 2017 at 12:15pm

आद० विजय निकोर जी ,आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से बहुत आभारी हूँ |

Comment by vijay nikore on July 24, 2017 at 11:34am

बहुत ही खूबसूरत गज़ल कही है, आदरणीया राजेश जी। हार्दिक बधाई।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 16, 2017 at 7:37pm

आदरणीय योगराज जी ,मेरी इस ग़ज़ल को फीचर करने के लिए कोटि कोटि आभार |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 16, 2017 at 7:34pm

आद० हरि प्रकाश दूबे जी ,आपका बहुत बहुत आभार 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 16, 2017 at 7:32pm

मोहतरम जनाब तस्दीक अहमद जी ,आपका बहुत बहुत शुक्रिया 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 16, 2017 at 7:31pm

प्रिय कल्पना भट्ट जी ,आपका तहे दिल से शुक्रिया |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

श्याम किशोर सिंह 'करीब' commented on श्याम किशोर सिंह 'करीब''s blog post बस यूँ ही दशरथ माँझी... / किशोर करीब
"प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
21 minutes ago
Samar kabeer replied to Saurabh Pandey's discussion दोहा छंद में शुद्धता की आवश्यकता // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"जनाब सौरभ पाण्डेय साहिब आदाब,बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी के लिये आपका धन्यवाद । सरसी छन्द की मिसाल…"
24 minutes ago
Samar kabeer joined Admin's group
Thumbnail

भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के…See More
24 minutes ago
BS Gauniya updated their profile
1 hour ago
KALPANA BHATT replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-२ में स्वीकृत सभी लघुकथाएँ
"आज इन कथाओं को पढ़कर अच्छा लगा | पहले संकलन में शामिल रचनाये मिल नहीं रही है पर कुछ कथाये पढ़ी उसकी…"
1 hour ago
Gurpreet Singh posted a blog post

ग़ज़ल --इस्लाह के लिए

      (122-122-122-12)रहे हम तो नादां ये क्या कर चले कि दौर ए जफ़ा में वफ़ा कर चले।वो तूफ़ान के जैसे आ…See More
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

नज़र की हदों से .....

नज़र की हदों से .....अग़र तेरे बिम्ब ने मेरे स्मृति पृष्ठ पर दस्तक न दी होती मैं कब का तेरी नज़र…See More
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीया कल्पना भट्ट जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का दिल से आभार।"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय मो.आरिफ साहिब, आदाब, सृजन को अपने स्नेह से प्रोत्साहित करने का हार्दिक आभार।"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब, सृजन के मर्म को अपनी स्नेहिल प्रशंसा से अलंकृत करने का दिल से आभार।…"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय रवि शुक्ला जी सृजन के भावों को अपनी स्नेहाशीष से उत्साहित करने का हार्दिक आभार। "
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post नज़र की हदों से .....
"आदरणीय नरेंद्र सिंह चौहान जी सृजन को मान देने का हार्दिक आभार।"
1 hour ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service