For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सीख लिया है- एक ग़ज़ल

बचके चलना सीख लिया है
हमने संभलना सीख लिया है


वक़्त सदा होता ना अच्छा
हमने बदलना सीख लिया है


देख समंदर की लहरों को
हमने मचलना सीख लिया है


दर्द अगर हद से बढ़ जाए
हमने पिघलना सीख लिया है


भाग रही अपनी दुनिया में
हमने ठहरना सीख लिया है


आसमाँ की ख़्वाहिश सबकी
हमने उतरना सीख लिया है !!

Views: 105

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on July 23, 2018 at 6:16pm

नीलम जी, ये तेजवीर सिंह जी की लघुकथा नहीं,विनय जी की ग़ज़ल है, देखिये ।

Comment by Neelam Upadhyaya on July 23, 2018 at 2:57pm

 आदरणीय तेजवीर सिंह जी, अच्छी सन्देश परक लघुकथा की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें । 

Comment by विनय कुमार on July 23, 2018 at 1:12pm

बहुत बहुत आभार आ मुहतरम जनाब समर कबीर साहब, त्रुटि की तरफ इंगित करने का शुक्रिया. सुधारने की कोशिश करता हूँ

Comment by विनय कुमार on July 23, 2018 at 1:11pm

बहुत बहुत आभार आ तेज वीर सिंह जी

Comment by विनय कुमार on July 23, 2018 at 1:10pm

बहुत बहुत आभार आ बबिता गुप्ता जी

Comment by विनय कुमार on July 23, 2018 at 1:10pm

बहुत बहुत आभार आ शेख शहज़ाद उस्मानी साहब

Comment by Samar kabeer on July 22, 2018 at 12:25pm

जनाब विनय कुमार जी आदाब,आपको ग़ज़ल कहते देख प्रसन्नता हुई,अच्छा प्रयास हुआ है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

अंतिम दो अशआर में क़ाफ़िया दोष है,देखियेगा ।

Comment by TEJ VEER SINGH on July 22, 2018 at 11:38am

हार्दिक बधाई आदरणीय विनय कुमार जी।बेहतरीन गज़ल।

दर्द अगर हद से बढ़ जाए 
हमने पिघलना सीख लिया है

Comment by babitagupta on July 21, 2018 at 11:07pm

समय के साथ चलने से जिन्दगी थोडी सी आसान हो जाती है, बेहतरीन रचना के लिए बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय सर जी. 

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on July 21, 2018 at 6:18pm

जी,बिल्कुल। .... वक़्त/विज्ञान-तकनीक-विकास/विश्व-विकास/सामाजिक-आर्थिक-व्यावसायिक विकास अर्थात वक़्त के साथ, हालात के साथ हमने बदलना सीख लिया है। बेहतरीन यथार्थपूर्ण ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई और आभार आदरणीय विनय कुमार साहिब।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७१
"हालात जीने के गराँ भी हों तो क्या बुराई हैमजनूँ मिले कहाँ अगर सहराओं में बसर न हो वाह बहुत खूबसूरत…"
10 minutes ago
Sushil Sarna commented on रामबली गुप्ता's blog post गीतिका(आधार छंद-दोहा) -रामबली गुप्ता
"सोच समझ कर बोलिए, बातें सदा विनीतछूटा धनु से बाण जो, लौटा कब हे! मीत बहुत सुंदर आदरणीय रामबली…"
13 minutes ago
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७१
"मुहतरम समर करीब साहब, क्या 'कैसे उड़ेगा वो जिसे उड़ने को बालो पर न हो' को यूँ करने से…"
36 minutes ago
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७१
"मुहतरम समर करीब साहब, आदाब. हौसला अफज़ाई और इस्लाह का तहेदिल से शुक्रिया. मतले में बदलाव लाता हूँ.…"
43 minutes ago
Samar kabeer commented on रामबली गुप्ता's blog post गीतिका(आधार छंद-दोहा) -रामबली गुप्ता
"जनाब रामबली गुप्ता जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७१
"जनाब राज़ नवादवी साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें । ' कैसे उड़ेगा वो जिसे…"
1 hour ago
राज़ नवादवी commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ७०
"जी जनाब, इस अति उपयोगी जानकारी का हदय से आभार, सादर। "
1 hour ago
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post माँ शारदा का वरदान है प्यार
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब,भारत में आपका स्वागत है । हमेशा की तरह एक उत्तम और गम्भीर रचना हुई…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post कविता -2 ( झंझावात )
"जनाब क़मर जौनपुरी साहिब आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on नवीन श्रोत्रिय उत्कर्ष's blog post गृहस्थ
"जनाब नवीन श्रोत्रिय उत्कर्ष जी आदाब,ओबीओ पटल पर पहली बार आपकी रचना से रूबरू हो रहा हूँ । आल्हा वीर…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on क़मर जौनपुरी's blog post कविता-1 साथी सो न , कर कुछ बात
"जनाब क़मर जौनपुरी साहिब आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Moni joined Admin's group
Thumbnail

लघुकथा की कक्षा

समूह का उद्देश्य : लघुकथा विधा और उसकी बारीकियों पर चर्चा.समूह प्रबंधक : श्री योगराज प्रभाकरSee More
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service