For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लघु कथा 

अरे भाई हँसमुख जी, आज क्यूँ उदास हो, क्या हुआ ? क्या बताऊँ मैं आज बहुत परेशां हूँ, आप ही बताओ आप को कैसा लगेगा यह जान कर कि आप जिस घर में पिछले दस साल से अकेले रहते हो, उसमे आप के अलावा कोई और भी अचानक आकर रहने लगे !! कल रात कुछ लोग अचानक मेरे घर में मेरे ही सामने मेरे घर में डेरा डाल कर बैठ गए और अपना आधिपत्य जताने लगे और मैं कुछ न कर सका | जी में तो आया कि एक एक को उठाकर फेंक दूं पर क्या करे हमारी भी कुछ अपनी सीमायें हैं | क्या करूँ कौन से तंत्र मंत्र का सहारा लूं कि वो भाग जाएँ, पर सोचता हूँ कि इसमें इनका क्या दोष, दोष तो मेरे ही अपनों का है जिन्होंने मेरे हाथो से बनाए हुए दिनरात मेहनत करके बनाए हुए मेरे इस आशियाने को दूसरों को बेच दिया | कल वो मेरा श्राद्ध दूसरे देश में मना रहे हैं, अपना देश अपना आशियाना छोड़  कर इतनी दूर कैसे जाऊं इसी लिए मैं आज बहुत दुखी हूँ मित्रो |

Views: 113

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 16, 2016 at 2:57pm

बहुत बहुत आभारी हूँ आ० कांता जी मेरी इस भूली बिसरी लघु कथा को रीफ्रेश करने के लिए पोस्ट पर लेट पँहुचने के लिए खेद है |

Comment by kanta roy on February 23, 2016 at 11:50am
बेहद गम्भीर प्रस्तुति हुई है यहाँ आपकी आदरणीया राजेश कुमारी जी । बेच खाया अपना ही घर द्वार .... बहुत गहरा तंज रोपित हुआ है । बधाई अापको हृदयतल से ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 14, 2012 at 7:48am

बहुत बहुत आभार सौरभ जी आपने इस कहानी  के मर्म को महसूस किया 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 14, 2012 at 4:55am

बहुत-बहुत बधाई, राजेशकुमारी जी.  इस सार्थक प्रयास को देख कर एहसास हुआ कि वास्तव में विलम्ब से इस पन्ने पर आ पाया. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 13, 2012 at 9:51am

bahut bahut aabhar Ajay kumar ji aapne is laghu katha ko dil se mehsoos kiya.

Comment by AjAy Kumar Bohat on April 13, 2012 at 9:23am

dil ko chhoo lene wali kahani...


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 26, 2012 at 8:42am

जी आशा  जी जिस आशियाने मे तुम्हारी आत्मा बसी हो वो कहाँ छूट ता है आभार |

Comment by asha pandey ojha on February 25, 2012 at 11:12pm

 waaaaaah kitni marmsprshi kahani hai .. jade nahi chhoti .. jivan chhotne ke baad bhi yah katu saty hai 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 25, 2012 at 6:46pm

Nazeel ji shukriya.

Comment by Nazeel on February 25, 2012 at 5:37pm
Nice

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dr. Vijai Shanker commented on vijay nikore's blog post तीन क्षणिकाएँ
"सूखी पीली झाड़ी सरीखा बाँझ रिश्ता बहुत खूब , बधाई, आदरणीय विजय निकोर जी , सादर।"
6 hours ago
Samar kabeer commented on Manan Kumar singh's blog post गजल (पुरस्कारों को इंगित) (मनन)
"आपके सलाम के जवाब में बहुत सी दुआएं,हमेशा ख़ुश रहिये,'असातज़ा'मतलब उस्ताद शायर ।"
7 hours ago
रामबली गुप्ता commented on रामबली गुप्ता's blog post कविता-शुचि स्नेह-सरोज.... रामबली गुप्ता
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी रचना पर प्रशंसा एवं प्रोत्साहन के लिए हृदय से आभार"
7 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - वो दिल मांगते दिल बसाने से पहले
"भाई सुरेश कल्याण जी विशेष आभार ।"
8 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - वो दिल मांगते दिल बसाने से पहले
"आदरणीय गोपाल नारायण सर आपका सुझाव मैंने मान लिया है ।"
8 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - वो दिल मांगते दिल बसाने से पहले
"आदरणीय भंडारी साहब सादर नमन आपने सही पकड़ा है । मैंने अपनी मूल प्रति में सुधार कर लिया है ।…"
8 hours ago
KALPANA BHATT replied to Shivam Jha's discussion You,the very you-Beautiful in the group English Literature
"Beautiful concept."
8 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post कुकुभ -छन्द -२
"आदरणीय मात्रा विन्यास ही नहीं रिदम भी अपेक्षित है मैं आपके ही शब्दों का क्रम बदलता हूँ और रिदम का…"
8 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post बिटिया की ग़ज़ल ,,मनोज अहसास,,,
"बहुत  प्यारी ग़ज़ल हुई मनोज कुमार जी बधाई लीजिये "
9 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on गिरिराज भंडारी's blog post ग़ज़ल - गुड़ मिला पानी पिला महमान को ( गिरिराज भंडारी )
"नेकियाँ जाने कहाँ पर छिप गईं इस क़दर उनकी बदी में ताब थी---वाह्ह्ह  बहुत खूब  सुन्दर ग़ज़ल…"
9 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on pratibha tripathi's blog post बेटियां है रौशनी रौशन करें सारा जहाँ
"बेहतरीन --- कुछ गलतियां तो उस्तादों से भी हो जाती हैं कभी कभी . सादर"
9 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - वो दिल मांगते दिल बसाने से पहले
"आ० नवीन जी  ऐसा कर सकते है -   तेरी बज्म में कुछ सुनाने से पहले ।मैं रोया बहुत …"
9 hours ago

© 2016   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service