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somesh kumar
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somesh kumar's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on somesh kumar's blog post नंगे सच का द्वंद
"जनाब सोमेश जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
3 hours ago
vijay nikore commented on somesh kumar's blog post सो गया बच्चा (कविता )
"बहुत ही सुन्दर गीत के लिए बधाई, आ० सोमेश जी"
4 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on somesh kumar's blog post तौल-मोल के “लव यू “(कहानी )
"आ0 सोमेश जी सादर अभिवादन। इस कहानी में कुछ शब्द उचित नहीं है, हो सकता मैं गलत हूँ, पर हमें यथासम्भव  गाली के…"
6 hours ago
somesh kumar posted blog posts
14 hours ago
Nita Kasar commented on somesh kumar's blog post बापमाँ (संस्मरण कथा )
"अकेली माँ की पीड़ा,कितनी विपरीत परिस्थतियों से दो चार होती है वह ।अकेले बच्चे की जवाबदेही बड़ी कुशलता से चित्रण किया है आपने बधाई आद० सोमश जी ।"
yesterday
Neelam Upadhyaya commented on somesh kumar's blog post नंगे सच का द्वंद
"अदरणीय सोमेश जी, अच्छी प्रस्तुति के लिए बधाई ।"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on somesh kumar's blog post नंगे सच का द्वंद
"हार्दिक बधाई आदरणीय सोमेश कुमार जी।बेहतरीन प्रस्तुति।"
yesterday
somesh kumar commented on somesh kumar's blog post जीवन कविता
"आपके स्नेहाशीष बना रहे \रचना को अपना समय देने एवं उत्साहवर्धन के लिए साधुवाद |"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on somesh kumar's blog post बापमाँ (संस्मरण कथा )
"आद0 सोमेश जी सादर अभिवादन, बहुत रोचक और बेहतरीन ढंग से सब घटना आँखो के सामने लाने का प्रयास किया है आपने।बहुत बहुत बधाई आपको।"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on somesh kumar's blog post जीवन कविता
"आद0 सोमेश कुमार जी सादर् अभिवादन। बेहतरीन सर्जन हुई हैं। इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिये।"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on somesh kumar's blog post सो गया बच्चा (कविता )
"सुंदर गीत बहुत बहुत बधाई सोमेश जी "
Tuesday
Samar kabeer commented on somesh kumar's blog post जीवन कविता
"जनाब सोमेश कुमार जी आदाब,इस सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
Mohammed Arif commented on somesh kumar's blog post जीवन कविता
"प्रिय सोमेश कुमार जी आदाब,                           बिटिया को केंंद्र में रखकर अच्छी भावाभिव्यक्ति का नज़राना पेश किया । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
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Tuesday
somesh kumar posted a blog post

जीवन कविता

 जीवन-कविताबिटिया बैठी पास मेंखेल रही थी खेलमैं शब्दों को जोड़-तोड़करता मेल-अमेल |उब के अपने खेल सेआ बैठी मेरी गोदटूट गया यंत्र भावमन को मिला प्रमोद |बिना विचारे ही पत्नी नेदी मुझको आवाज़मैं दौड़ा सिर पाँव रखना हो फिर से नाराज़ |लौटा सोचता सोचताक्या जोड़ू आगे बातपाया बिटिया पन्ना फाड़दिखा रही थी दांत |खिला देख चेहरा उसकामिली दुर्लभ सुगंधजीवन सुंदर पुष्पित बाग हैकविताएँ उसकी गंध |मौलिक एवं अप्रकाशितरचना तिथि-12/12 /17       See More
Tuesday
somesh kumar commented on Mohammed Arif's blog post जाड़े के दोहे
"मौसम ने करवट ली ,बढ़े ठंड के भाव  दोहें आपके पढ़ हमें ,पास लगा अलाव  बहेतर सर्दी फ़ैलाने वाले दोहों के लिए बधाई |"
Tuesday

Profile Information

Gender
Male
City State
delhi
Native Place
azamgardh
Profession
teacher and freelance writer
About me
passionate lover of hindi sahitya

Somesh kumar's Blog

तौल-मोल के “लव यू “(कहानी )

तौल-मोल के “लव यू “

10 अक्टूबर 2009

 

मुझे लगता है-“अब हमें उठना चाहिए |”

उसने सहमति में सिर हिलाया और पुनीत वापस परिवार वालों के पास आ बैठा |

“क्या पसंद है !” दीदी ने धीरे से कानों में पूछा  और पुनीत ने ‘ना’ में सिर हिलाया |

रास्ते में पिताजी ने झल्लाते हुए कहा-“नवाब-साहब कौन सी परी चाहिए ,बाप अच्छा खासा बुलेरो दे रहा था तीन तौला सोना |ये कहते हैं कि नौकरी-नौकरी |बड़े घर की औरतें क्या नौकरी करती जँचती है |वो आदमी ही…

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Posted on December 14, 2017 at 1:35am — 1 Comment

नंगे सच का द्वंद

नंगे सच का द्वंद

मुझे सड़क पार करने की जल्दी थी और मैं डीवाईडर पर खड़ा था |मेरी दृष्टी उसकी पीठ पर पड़ी और मैं कुछ देर तक चोरों की भांति उसे देखता रहा |क्षत-विक्षत शाल से ढकी और पटरी की दो समांतर ग्रील से कटती उसकी पीठ  रामलीला का टूटा शिव-धनुष प्रतीत हो रही थी |

एक दिन पहले ही आई बरसात से मुख्य मार्ग की किनारियाँ कीचड़ से पटी पड़ी थी और सभ्य और जागरूक समाज द्वारा यहाँ-वहाँ फैलाया गया कचरा ऐसे लग रहा था मानों किसी प्लेन काली साड़ी के स्लेटी बार्डर पर जगह-जगह…

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Posted on December 13, 2017 at 9:53am — 3 Comments

जीवन कविता

 

जीवन-कविता

बिटिया बैठी पास में

खेल रही थी खेल

मैं शब्दों को जोड़-तोड़

करता मेल-अमेल |

उब के अपने खेल से

आ बैठी मेरी गोद

टूट गया यंत्र भाव

मन को मिला प्रमोद |

बिना विचारे ही पत्नी ने

दी मुझको आवाज़

मैं दौड़ा सिर पाँव रख

ना हो फिर से नाराज़ |

लौटा सोचता सोचता

क्या जोड़ू आगे बात

पाया बिटिया पन्ना फाड़

दिखा रही थी दांत…

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Posted on December 12, 2017 at 10:30am — 4 Comments

सो गया बच्चा (कविता )

सो गया बच्चा

नींद की पालकी में सवार

        सो गया बच्चा

शरारती बन्दर बना बछड़ा

     लगा बहुत अच्छा |

------------सो गया बच्चा

दिन भर की चपलता

     लेटा आँख मलता

“सोना है मुझे “

    भाव सीधा-सच्चा |

­­­--------------सो गया बच्चा |

गीत में उमंग नहीं

      फूल में सुगंध नहीं

चित्र में रंग नहीं

     घर ना लगे अच्छा

----------------सो गया बच्चा |

सपनों का…

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Posted on December 10, 2017 at 11:42pm — 7 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 11:52pm on January 26, 2015, kanta roy said…
बहुत बहुत आभार सोमेश जी
At 7:42pm on November 18, 2014,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…
आ, सोमेश भाई , महीने के सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आपको बहुत बहुत बधाई ।
At 10:14am on November 16, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

आपकी मित्रता का स्वागत है आदरणीय सोमेश जी.

सादर!

At 9:11pm on November 13, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सोमेश कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 4:49pm on November 11, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

सोमेश जी

आपने  कठिन शब्दो के अर्थ  बताने के लिये कहा है - मेर्री समझ में जो शब्द कुछ कठिन है उनके अर्थ दे रहा हूँ

निर्माल्य - जो फूल देवता पर चढ़ चुका हो या माला से टूट गया हो

अनीह - इच्छारहित

अव्यय - अविनाशी

घट कर्ण -कुंभ कर्ण

रौप्य-- चाँदी 

At 6:12am on November 1, 2014,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

आदरणीय सोमेश भाई , आपको इस मंच पर देख कर बहुत खुशी हुई , आप सही जगह आये हैं । लगभग एक मही ने से मंच से जुड नही पाया , तबीयत ठीक हुई तो घर बदलने का भारी काम सामने आ गया , रिटायर्मेंट के बाद बी एस पी का मकान छोडना था , इसी महीने मेरा मकान बन के तैयार हुआ , दीवाली के पहले मकान बदलने का तय हुआ । मकान बदलने  के बाद मेरा ब्राड्बेंड कनेक्शन अभी तक ट्रांसफर नही हुआ है , नेट न होने के कारण भी दूरी बनी रही । अभी भी ब्राडबैंड नही है , एक डोन्गल से काम चला रहा हूँ , जो कल रात एक्टीवेट हुआ है । धीमा ही सही दोंगल लाम कर रहा है । अब रोज मुलाकात होगी यहीं ।

 
 
 

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