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Naval Kishor Soni
  • Male
  • Jaipur, Rajasthan
  • India
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Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
" शुक्रिया आदरणीय Samar kabeer जी ! "
Aug 23
Samar kabeer commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
"जनाब नवल किशोर सोनी जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 23
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
"शुक्रिया आदरणीय  santosh khirwadkar जी !"
Aug 23
santosh khirwadkar commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
"वाह्ह्ह क्या शाश्वत अभिव्यक्ति है ......प्लास्टिक की मुस्कान..बहुत ख़ूब!!"
Aug 23
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
"जनाब मोहम्मद आरिफ जी हौसला अफजाई के लिए आपका शुक्रिया !"
Aug 23
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
"जनाब मोहम्मद आरिफ जी हौसला अफजाई के लिए आपका शुक्रिया !"
Aug 23
Mohammed Arif commented on Naval Kishor Soni's blog post अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------
"आदरणीय नवलकिशोर जी आदाब,                         भावना की तीव्र अभिव्यक्ति । तरक़्की के इस दौर में हम अपनों से बहुत दूर जा रहे हैं । जो अपने हैं उन्हें भी तरजीह नहीं देते हैं । संवेदनहीनता…"
Aug 22
Naval Kishor Soni posted a blog post

अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------

बेहद तेजी से प्रोफेशनल तरक्‍कीके रास्‍ते पर हो दोस्त,बुन ली है तुमने अपनेआस पास एक ऐसी दुनिया,जिसमें ना प्रवेश कर सकते  हैं  हमऔर ना ही तुम आ सकते हो हम तक !नहीं बची  है दूसरों के लिए करुणा,प्रेम, स्‍नेह और आत्‍मीयता की कोई जगह,तुम्हारी इस दुनिया में !हंसना, मुस्‍कुराना तो कभी काहो चुका था बंद,जब भी मिले,मिले तुमलिए चेहरे पर प्‍लास्टिक सी  मुस्‍कान,भीतर ही भीतर मान लिया तुमने,स्वयं को  सर्वश्रेष्‍ठ,बना ली  अपने आस पास एक ऐसी दीवार,जिसमें दरवाजा तो दूर कोई ‘खिड़की’ तक न थी !घर के बाहर इकट्ठे…See More
Aug 21
Naval Kishor Soni commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post अटल जी को श्रद्धांजलि
"सुंदर रचना हेतु बधाई।"
Aug 21
Naval Kishor Soni commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- लोकतंत्र
"आज के 'लोक' एवं 'तन्त्र' पर सटीक लेखन, बधाई आपको !"
Aug 21
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?
"शुक्रिया बृजेश कुमार जी ."
Jul 13
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Naval Kishor Soni's blog post तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?
"उम्दा रचना है आदरणीय..."
Jul 13
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?
"शुक्रिया आदरणीया नीलम जी."
Jul 13
Neelam Upadhyaya commented on Naval Kishor Soni's blog post तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?
"आदरणीय नवल किशोर जी, बढ़िया प्रस्तुति के बधाई । "
Jul 13
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?
"शुक्रिया मेम !"
Jul 13
Naval Kishor Soni commented on Naval Kishor Soni's blog post तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?
"शुक्रीया मेम !"
Jul 13

Profile Information

Gender
Male
City State
jaipur, Rajasthan
Native Place
Baran, Rajasthan
Profession
District Manager, Educate Girls
About me
I live at my present and enjoy every movments

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अब तुम नहीं हो इस दुनिया में-------

बेहद तेजी से प्रोफेशनल तरक्‍की

के रास्‍ते पर हो दोस्त,

बुन ली है तुमने अपने

आस पास एक ऐसी दुनिया,

जिसमें ना प्रवेश कर सकते  हैं  हम

और ना ही तुम आ सकते हो हम तक !

नहीं बची  है दूसरों के लिए करुणा,

प्रेम, स्‍नेह और आत्‍मीयता की कोई जगह,

तुम्हारी इस दुनिया में !

हंसना, मुस्‍कुराना तो कभी का

हो चुका था बंद,जब भी मिले,मिले…

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Posted on August 21, 2018 at 12:00pm — 6 Comments

तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?

जुमले बाजी का नाम सियासत |

मक्कारों का काम सियासत |

जाति,धर्म पर लड़वाने में

सबसे आगे आज सियासत |

रोजगार के ख्वाब  दिखाकर

लूटे सरे आम  सियासत |

घोटालों में लिप्त है नेता

बेमानी का नाम सियासत |

बेटियों की लुटती  आबरू

चुप बैठी है  आज सियासत |

 लाज-शर्म को गिरवी रखकर

करती नंगा नाच सियासत |

भाई-भतीजावाद है हावी

तेरी-मेरी कहाँ सियासत ?

"मौलिक एवं…

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Posted on July 10, 2018 at 5:00pm — 11 Comments

इन्सान रहने दो इन्सान को !

कभी सोचता हूँ यदि ईश्वर-अल्लाह इत्यादि एक ही है

तो हम सबको अलग-अलग पैदा क्यों किया ?

इस बारे में क्या सोचते है आप ?

और माना कि पैदा  किया  भी तो फिर बीच में

कहाँ से आ टपके हमारे माँ-बाप ?

और पर्वत-पहाड़ नदियाँ तो बनते बिगड़ते है अपने आप

फिर इन सबको भी ऊपर वाले ने बनाया क्यों कहते है आप ?

और कभी सड़क पर आपको ड्राईवर टक्कर से बचा भी दें

तो आप पूरा श्रेय देते हैं भगवान को !

और मर गए तो आफत आती है ड्राईवर की जान को !

थोडा  सोचो…

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Posted on February 27, 2018 at 12:30pm — 3 Comments

नई शुरुआत----

 नई शुरुआत-----

 

जो हो चुका सो हो चुका,

तुम इक नई शुरुआत करो.

हर चीज बदलती है,

अपनी आखिरी साँस के साथ,

तुम फिर से कोई जुदा बात करो.

उजड़ गया गर शहरे-आलम सारा,

तुम फिर नया अहसास…

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Posted on March 14, 2017 at 12:15pm — 3 Comments

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At 7:59am on August 29, 2012, सूबे सिंह सुजान said…

मित्रता के लिये धन्यवाद भाई साहब

At 1:42pm on August 28, 2012, SANDEEP KUMAR PATEL said…

स्वागत है आपका साहब

At 7:43pm on September 14, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 8:45pm on September 9, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:39am on September 7, 2011, Admin said…

 
 
 

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