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डॉ. सूर्या बाली "सूरज" commented on Seema agrawal's blog post साँवली
SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR commented on Seema agrawal's blog post साँवलीPosted on May 5, 2012 at 2:30am 18 Comments 0 Likes
ज्ञान गठरिया सर धरो ,जिम्मेदारी संग l
सुरभित हर जीवन करो, छिड़क प्रीत के रंगll1ll

क्या बोलें उस ज्ञान को ,जो अभिमान जगाय l
लघु भ्राता सम मित्र की,जग में हँसी उडायll2ll
जिसमे जितना ज्ञान है, वो उतना गंभीर l
उच्छ्रंखल है मूर्ख है,ज्ञानी जो बेपीर ll3ll
ज्योत ज्ञान की बाल कर, जग में करे प्रकाश l
नमन करूँ उस ज्ञान को, जो हरता तम पाश ll4ll
Posted on May 2, 2012 at 9:00am 10 Comments 0 Likes
सपने ही तो बस अपने हैं कैसे कहूँ पराया इनको
कैसे अश्रु संग बहा दूँ कर-कर जतन सजाया जिनको
संभाषण से विलग उपासक रहे
सदा मेरे सुख के
छद्म वेश से दूर विरूपित हुए ना
किंचित ये दुःख से
कैसे वंचित कर नयनो से, कह दूँ केवल माया इनको
कैसे अश्रु संग बहा दूँ कर- कर जतन सजाया जिनको
रंग भूमि अंतस्थल की झंकृत …
Posted on April 21, 2012 at 9:54pm 22 Comments 0 Likes
नीम
दीपांकर का मन आज खुशी के रस में सराबोर था,आज जब वो स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था तभी उसने पापा- मम्मी बात करते सुना की था वो उसके लिए अलग कमरे की व्यवस्था करने के लिए सोंच रहे है अलग कमरा वाह !!!!!!मतलब उसका अलग बेड,अलग टीवी,अलग कपड़ों की अलमारी ,अलग किताबों की रैक ,खिलौनों की अलमारी ,और हाँ कंप्यूटर भी वो अपने ही कमरे में ही रखेगा जिससे जब उसके दोस्त उसके पास आयें तो वो बिना किसी…
Continueसीमा जी नीम कहानी ,पढ़ी ,बहुत अच्छी लिखी है आपने ,बधाई |
ज्योत ज्ञान की बाल कर, जग में करे प्रकाश l
नमन करूँ उस ज्ञान को, जो हरता तम पाश ll4ll
ati sundr panktiyan sima ji ,badhai
मनोज कुमार सिंह 'मयंक' said… आभार आदरणीया
AVINASH S BAGDE said…
सूरज चंदा तारे जुगनू सब हैं मेरी झोली में
पर वो आँखों से गरीब हैं उनसे क्या उम्मीद करें ...wah Seema ji.
कल उनके थे अब हैं मेरे कल जाने ये किसके हो
रिश्ते जो इतने अजीब हैं उनसे क्या उम्मीद करें........isase umda koi क्या उम्मीद करें...
मेरा, मुझको,मैंने मै ही इन शब्दों में अटके हैं
वो बस अपने ही हबीब हैं उनसे क्या उम्मीद करें.....ni:shabd hu.
Admin said…
Arun Srivastava said… स्वागत है मैम !
प्रदीप सिंह चौहान said… sankship warta hetu hardik aabhar ... seema ji
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