For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Mohit mishra (mukt)
  • Male
  • allahabad,u.p
  • India
Share

Mohit mishra (mukt)'s Friends

  • vijay nikore
 

Mohit mishra (mukt)'s Page

Latest Activity

Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post सीता वनवास (प्रथम भाग):-1 (छंदमुक्त )
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय ब्रजेश जी"
Apr 15
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post सीता वनवास (प्रथम भाग):-1 (छंदमुक्त )
"उत्तम अद्भुत प्रस्तुति आदरणीय मोहित जी..सादर"
Apr 8
Mohit mishra (mukt) commented on Sushil Sarna's blog post रेगिस्तान में    ......
"आदरणीय सुशील जी, आपके अंदाज का क्या कहना ,सुंदर रचना, बधाई"
Apr 6
Mohit mishra (mukt) commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"याद जब घर की सताए तो,रिहाई के लिये आसमाँ सर पे उठा लेते हैं ज़िनदाँ वाले . अपने मज़हब की किताबों से गुरेज़ां हैं सब गीता वाले हों "समर"या कि हों क़ुरआँ वाले आदरणीय समर सर, बेहतरीन रचना के लिए बधाई"
Apr 6
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post सीता वनवास (प्रथम भाग):-1 (छंदमुक्त )
"आदरणीय समर सर रचनावलोकन और उत्साहवर्धन का हृदय तल से आभार"
Apr 6
Samar kabeer commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post सीता वनवास (प्रथम भाग):-1 (छंदमुक्त )
"जनाब मोहित मुक्त जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Apr 6
Mohit mishra (mukt) posted a blog post

सीता वनवास (प्रथम भाग):-1 (छंदमुक्त )

लौटे राघव, जनपद भ्रमण कर, हतोत्साहित उदास ,स्कंध निचे, द्रवित हृदय, उद्वेलित मन, कम्पित श्वास,चिंतित मन, बार-बार करते हृदय कठोर,पर कानों में पुनः-पुनः गुञ्जित होता वहीं शोर,हाय निष्कपट प्रजा यह, पर बुद्धिहीन ,अंतः विषाद से हो उठा श्याम-मुख-मलिन,यह कैसा विकट शत्रु बन खड़ा राजधर्म ,प्रजा बेध रही ब्यंग-विशिख से राम मर्म ,और राम ! प्रत्युत्तर में विकल, ठगे से मौन ,सोच रहे मुझसे हतभागा है धरा पर कौन?हाय माता का ही नहीं रहा मुझपर विश्वास ,राजकुल में जन्म लिया और सहा वनवास ,पर यहीं निवर्तित नहीं हुई,…See More
Apr 6
Mohit mishra (mukt) commented on Mohammed Arif's blog post कविता- वो आँखें
"आदरणीय आरिफ जी आदाब ,अत्यंत गहराई से लेखनी चलाई अपने , सुंदर प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें"
Mar 4
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"आदरणीय विजय सर , प्रशंसा पात्र बनाने का अत्यंत धन्यवाद"
Mar 4
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"आदरणीय नरेन्द्रशिस जी , रचना पर उपस्थिति का अत्यंत शुक्रिया"
Mar 4
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, रचनावलोकन का तहे दिल से शुक्रिया"
Mar 4
Mohit mishra (mukt) commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post होली के दोह - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"बेहतरीन दोहों के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय"
Mar 4
vijay nikore commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"भाव सुंदर हैं, रचना अच्छी लगी ।इस प्रस्तुति पर आपको बधाई "
Mar 3
narendrasinh chauhan commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"सुन्दर रचना"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"आ. भाई मोहित जी, इस मन मोहित करती रचना के लिए हार्दिक बधाई ।"
Mar 3
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post होली और यादें :-मोहित मुक्त
"आदरणीय समर सर , होली की हार्दिक बधाई । रचना को सम्मान देने का शुक्रिया  "
Mar 2

Profile Information

Gender
Male
City State
allahabad
Native Place
allahabad univercity
Profession
student
About me
SIDHA SADA AUR SULJHA HUA

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:14pm on November 28, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

Mohit mishra (mukt)'s Blog

सीता वनवास (प्रथम भाग):-1 (छंदमुक्त )

लौटे राघव, जनपद भ्रमण कर, हतोत्साहित उदास ,

स्कंध निचे, द्रवित हृदय, उद्वेलित मन, कम्पित श्वास,

चिंतित मन, बार-बार करते हृदय कठोर,

पर कानों में पुनः-पुनः गुञ्जित होता वहीं शोर,

हाय निष्कपट प्रजा यह, पर बुद्धिहीन ,

अंतः विषाद से हो उठा श्याम-मुख-मलिन,

यह कैसा विकट शत्रु बन खड़ा राजधर्म ,

प्रजा बेध रही ब्यंग-विशिख से राम मर्म ,

और राम ! प्रत्युत्तर में विकल, ठगे से मौन ,

सोच रहे मुझसे हतभागा है धरा पर कौन?

हाय माता का ही नहीं…

Continue

Posted on April 5, 2018 at 7:00am — 4 Comments

होली और यादें :-मोहित मुक्त

फिर से होली आ गयी है ,

यादें मन में छा गयीं हैं ,

यादों का है क्या ठिकाना ,

इनका तो है आना जाना।

पर वो होली और थी जब ,

घर की घर में साथ थे सब ,

माँ के हाथों की मिठाई ,

मानो अमृत में डुबाई।

पिताजी का प्यार देना,

स्नेह से यूँ निहार देना ,

उनकी आँखों का मैं तारा ,

उनके प्राणों का सहारा।

आज घर से दूर हूँ मैं ,

दूर क्या मजबूर हूँ मैं ,

रंग होली के मुझे अब,

चुभते हैं काँटों से सब।

फिर से…

Continue

Posted on March 1, 2018 at 8:34am — 10 Comments

ये मत सोचो रुक जाऊंगा:-मोहित मुक्त

ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

बेताब लहर के धक्कों से -

नौका चूर हो जाएगी,

नियति की वक्र नजर मुझपर -

माना की क्रूर हो जाएगी ,

तूफां हठ ठान भले ही ले-

कर ले चाहे लाख जतन ,

जीवन यज्ञ आहुति में -

हो जाये मेरा सर्वस्व हवन,

पर जबतक धड़कन जिन्दा है-

ये मत सोचो झुक जाऊंगा।

ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

ये मत सोचो रुक जाऊंगा।

पग-पग पर शूल मिलें चाहे-

राहों में तप्त अंगारे हों।

पावों में छाले पड़ जाएं या-

रोम-रोम प्यास के मारे…

Continue

Posted on February 6, 2018 at 3:31pm — 7 Comments

आवाहन(कविता ):-मोहित मुक्त

अंगार भर लो लोचनों में, श्वांस में फुंफकार हो ,

नस-नस अनल से पूर्ण हो , पुरुष्त्व का संचार हो।

विश्वास जन का खोकर भी सत्तासीन हो जाते हैं।

जो हर चुनावी परिवेश में नए प्रपंच रचाते हैं।

वैसे दागी लोग न जाने क्यों हमारे नायक हैं ?

क्या वे लोग ही हमपर शासन करने लायक हैं ?

जैसे मृगेंद्र के पुत्रों पर भेड़ियों का बर्चस्व हो।

जैसे गर्दभ-दौड़ में कोई हारता सा अश्व हो।

वैसे ही आज अयोग्य हाथों में हमारा देश है।

फिर भी सुप्त…

Continue

Posted on January 6, 2018 at 9:30pm — 12 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dr Ashutosh Mishra commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--बोध
"आदरणीय आरिफ जी येतो लघु लघु कथा हो गयी प्रतीक का बढ़िया प्रयोग हुआ है अंत में दार्शनिक ने जो…"
3 minutes ago
Samar kabeer commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"जनाब नंद कुमार साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें । पूरी ग़ज़ल में सारा बोझ क़वाफ़ी पर है,…"
26 minutes ago
Samar kabeer commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"जनाब नंद कुमार सनमुखवानी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ…"
35 minutes ago
Samar kabeer commented on Nand Kumar Sanmukhani's blog post ग़ज़ल
"जनाब नंद कुमार जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है,मुबारकबाद पेश करता हूँ । बराह-ए-करम ग़ज़ल के साथ अरकान लिख…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा--बोध
"जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,वाह बहुत खूब,शानदार लघुकथा,इस् प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on सतविन्द्र कुमार राणा's blog post नाम बड़ा है उस घर का- गजल
"जनाब सतविन्द्र कुमार 'राणा' जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । मतले का…"
1 hour ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीता कसार जी।"
1 hour ago
Nita Kasar commented on Kumar Gourav's blog post सफेदपोश (लघुकथा)
"कथा उम्दा है थोड़ी फ़िल्मी हो गई ।हंस और कौन को प्रतीक बनाकर लिखी गई कथा के लिये बधाई आद०गौरव कुमार…"
3 hours ago
Nita Kasar commented on TEJ VEER SINGH's blog post गुहार  -   लघुकथा –
"आज की व्यवस्था में गुहार ही गले की हड्डी बन गई है ।राजनीति के दलदल में सुनवाई की गुंजायश कम हो जाती…"
3 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (कैसी ये मज़बूरी है)
"जी आ. समर सर जानकारी के लिए शुक्रिया,इस टिप्पणी के प्रकाश में मेरा हज़ल वाला कमेंट …"
3 hours ago
Mohammed Arif commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post वार हर बार (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,                  …"
3 hours ago
Samar kabeer commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post ग़ज़ल (कैसी ये मज़बूरी है)
"जनाब निलेश जी आदाब,आम तौर पर हास्य रचना को 'हज़ल' कह दिया जाता है,लेकिन ये ग़लत है…"
3 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service