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Mohit mishra (mukt)
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  • India
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Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"आदरणीय डॉ आशुतोष जी , रचना अवलोकन का बहुत-बहुत शुक्रिया। "
Monday
Mohit mishra (mukt) commented on Samar kabeer's blog post 'आपके पास है जवाब कोई'
"सम्माननीय समर सरआदाब। आपकी रचनात्मकता अनोखी और उत्कृष्ट है। बेहतरीन ग़ज़ल के लिए बधाई "
Monday
Dr Ashutosh Mishra commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"हार्दिक बधाई मोहित जी"
Nov 10
Mohit mishra (mukt) commented on Dr. Vijai Shanker's blog post लोकतंत्र - डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय शंकर जी आदाब, बेहतरीन सृजन नायाब प्रस्तुती । बधाई"
Nov 7
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"आदरणीय बृजेश जी कविता अवलोकन का आभार"
Nov 7
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"आदरणीय समर सर आदाब, आपकी प्रतिक्रिया देख हर्ष हुआ। सहृदय धन्यवाद"
Nov 7
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"वाह क्या बात..बहुत ही सुन्दर सार्थक रचना हुई आदरणीय मोहित जी..सादर"
Nov 6
Samar kabeer commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"जनाब मोहित मिश्रा जी आदाब,इस सुंदर प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 6
Mohit mishra (mukt) commented on Rahila's blog post ***खरबूजा*** राहिला(लघुकथा)
"लघुकथा का अन्त काफी कुछ कह गया। सुझाव, दर्द और संकेत सबका मिश्रण। अद्भुत आदरणीया राहिला दीदी। सादर बधाई "
Nov 6
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"आदरणीय डॉ. विजय सर सहृदय धन्यवाद"
Nov 6
Dr. Vijai Shanker commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त
"बधाई , आदरणीय मोहित मिश्र जी , सादर।"
Nov 6
Mohit mishra (mukt) posted a blog post

भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त

लोकतंत्र-शोकतंत्र-जनतंत्र-भजनतंत्र। जन को दुत्कार-सत्ता से प्यार। प्रजातंत्र में उगते राजकुमार। विदेश की रानी, भाषण का नरेश। समता के वादे, भय का परिवेश। राजनीती-ताजनीति। कूटनीति-झुठनीति। प्रतिबद्धता-आबद्धता। दिखावे की संबद्धता। कुविचार-भ्रष्टाचार। बेईमानों की सरकार। वादे वादे और वादे। कोष लूटने के इरादे। भूख-बेरोजगारी। पीड़ा-लाचारी। दंश-बीमारी। प्रजा-बिचारी। स्त्री-असुरक्षा। गौ की रक्षा। समाज-गंदे। डर के धंधे। टूटी-सड़कें कृषक-कड़के। बच्चे-कुपोषण। सरकारी-शोषण। जलते-झंडे। चुनावी-फंडे। न्याय में…See More
Nov 6
Mohit mishra (mukt) commented on Mohammed Arif's blog post लघुकथा-- परिचय
"आदरणीय आरिफ जी आदाब, बेहतरीन सृजन , वर्तमान राजनीति के संदर्भ में उम्दा रचना। बधाई"
Nov 4
Mohit mishra (mukt) commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत... हर आहट पर यूँ लगता है जैसे हों साजन आये-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"सरल प्रवाहमयी भाषा शैली के साथ साथ विरहिणी का दर्द बखुबी बयान किया गया है गीत में । शानदार बधाई आदरणीय"
Nov 3
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post क्या यहीं भारत का भाग्य है?
"आदरणीय बृजेश जी रचना पर ध्यान देने और उत्साह बढाने का शुक्रिया"
Nov 3
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post क्या यहीं भारत का भाग्य है?
"उत्तम बहुत उत्तम आदरणीय..बधाई"
Nov 2

Profile Information

Gender
Male
City State
allahabad
Native Place
allahabad univercity
Profession
student
About me
SIDHA SADA AUR SULJHA HUA

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At 10:14pm on November 28, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

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Mohit mishra (mukt)'s Blog

भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त

लोकतंत्र-शोकतंत्र-जनतंत्र-भजनतंत्र।

जन को दुत्कार-सत्ता से प्यार।

प्रजातंत्र में उगते राजकुमार।

विदेश की रानी, भाषण का नरेश।

समता के वादे, भय का परिवेश।

राजनीती-ताजनीति।

कूटनीति-झुठनीति।

प्रतिबद्धता-आबद्धता।

दिखावे की संबद्धता।

कुविचार-भ्रष्टाचार।

बेईमानों की सरकार।

वादे वादे और वादे।

कोष लूटने के इरादे।

भूख-बेरोजगारी।

पीड़ा-लाचारी।

दंश-बीमारी।

प्रजा-बिचारी।

स्त्री-असुरक्षा।

गौ की रक्षा।

समाज-गंदे।…

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Posted on November 6, 2017 at 8:43am — 8 Comments

क्या यहीं भारत का भाग्य है?

विच्छुरित है अन्नदाता का सपना। 

तृषित रक्त के नेता अपना। 



माँ भारती के सेवा-कर्ता ,

आज भूख से पोषित हैं। 

पैदावार देकर भी ,

रक्तरंजित और शोषित हैं। 



तपोनिष्ठ इतिहास का ,

क्या यहीं त्याग है?

क्या यहीं भारत का भाग्य है ?

क्या यहीं भारत का भाग्य है ?

.

सुधार-विकास के नारों से।

अंधभक्ति या अंधप्रचारों से।

.

साथ पर्व…

Continue

Posted on November 1, 2017 at 4:00pm — 10 Comments

हर मुख हिंदी कब गायेगा ?:-मोहित मुक्त

विश्व पटल की बात तो छोडो ,

भारत के सर्वस्व भूमि पर ,

त्याग आपसी रंजिश को ,

हर मुख हिंदी कब गायेगा ?

जाने वह क्षण कब आएगा ?

विदेशी भाषाओं से कबतक ,

टूटेगा सबका सम्मोहन ?

हेमलेट को छोड़ जन-मन ,

मेघदूत कब गायेगा ?

जाने वह क्षण कब आएगा ?

निराला, दिनकर, प्रसाद से ,

जिसके प्रखर सपूत हुवे ,

उस माँ को सम्मान दिलाने ,

नव-भारत कब जग पायेगा ?

जाने वह क्षण कब आएगा ?

गर्वान्वित होगा भारत-वर्ष ,

कब…

Continue

Posted on September 14, 2017 at 12:00pm — 24 Comments

हाँ, तुमने प्यार सिखाया था:-मोहित मुक्त

हाँ, तुमने प्यार सिखाया था।

सूखे तटबंधों को तुमने ,

प्रेम सलिल से सिंचित करके ,

वैरागी बंजर अंतर में ,

आसक्ति के अंकुर बोकर ,

तुमने प्रीत जगाया था ,

हाँ, तुमने प्यार सिखाया था।

जीवन के भूसर रंगों को ,

प्रेम वर्ण से हरित रंजित कर ,

अनल जलन से पीड़ित को ,

हिमानिल सा तन-मन छू-छूकर ,

तुमने प्रीत जगाया था ,

हाँ, तुमने प्यार सिखाया था।

चिर तृषार्त कोरे हृदय को ,

मधु-द्राक्षासव पान कराकर ,…

Continue

Posted on September 12, 2017 at 9:30am — 10 Comments

 
 
 

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