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Mohit mishra (mukt)
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Mohit mishra (mukt) commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"आदरणीय सलीम जी उम्दा ग़ज़ल, बहुत बहुत मुबारकबाद "
10 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on rajesh kumari's blog post मखमल के गद्दों पे गिरगिट सोए हैं (नवगीत 'राज')
"आदरणीय राजेश कुमारी जी आदाब,   वर्तमान समाज की दशा का परदाफ़ाश करती रचना के लिए हार्दिक बधाई। देशज शब्दों के प्रयोग ने रचना को आत्मीयता प्रदान की है - अच्छा प्रयोग।"
17 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on Mohammed Arif's blog post कविता- बसंत
"आदरणीय आरिफ जी आदाब , साधारण शब्दों में बसंत की खूबसूरत अगवानी की , बधाई।"
17 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...धूल की परतें-बृजेश कुमार 'ब्रज
"आदरणीय बृजेश जी बेहतरीन ग़ज़ल की बधाई"
17 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on vijay nikore's blog post असाधारण आस
"आदरणीय विजय जी अत्यंत ही हृदय-स्पर्शी रचना। मन प्रसन्न हो गया। बधाई आदरणीय"
Thursday
Mohit mishra (mukt) commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post दूर कहीं सुख है मेरा (कविता)
"हर तरफ है तू-तू, मैं-मैं  हर जगह बस मेरा-तेरा  शानदार कविता कल्पना दी , सादर बधाई।"
Jan 14
Mohit mishra (mukt) commented on SALIM RAZA REWA's blog post तू अगर बा - वफ़ा नहीं होता - सलीम रज़ा रीवा
"प्रेम रंग से सराबोर अच्छी रचना आदरणीय , हार्दिक बधाई , सादर।"
Jan 14
Mohit mishra (mukt) commented on Mohammed Arif's blog post कटाक्षिकाएँ
"आदणीय आरिफ़ जी सादर अभिवादन ,                    अच्छी कटाक्षिकाओं के लिए बधाई"
Jan 14
Mohit mishra (mukt) commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post मत्त सवैया (वीर रस की कविता)
"बेहतरीन कविता आदरणीय , तुम के जगह हम का प्रयोग सशक्त होगा। पर बढ़िया रचना , बधाई"
Jan 9
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post आवाहन(कविता ):-मोहित मुक्त
"मेरी यह रचना वर्णिक छंद में लिखी गयी है।"
Jan 9
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post आवाहन(कविता ):-मोहित मुक्त
"आदरणीय बृजेश जी आपको कविता पसंद आयी यह मेरा अहोभाग्य है। बहुत बहुत शुक्रिया"
Jan 9
Mohit mishra (mukt) commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post प्रतिबंधित मुलाकात हुई है-ग़ज़ल
"आदरणीय पंकज जी अच्छी ग़ज़ल भावपक्ष से ,शिल्प पर गुणीजन राय देंगे। रचना के लिए बधाई , सादर"
Jan 9
Mohit mishra (mukt) commented on कंवर करतार's blog post कविता
"सुन्दर रचना आदरणीय, शरद् के वर्णन को शब्दबद्ध करने के लिए बधाई । सादर"
Jan 9
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post आवाहन(कविता ):-मोहित मुक्त
"वाह आदरणीय मोहित सुंदरता से भावो का शानदार समावेश किया है अपने इस कविता में..जैसा की अपने लिखा है कविता तो मुझे लगता है कविता छंद मुक्त भी हो सकती है.."
Jan 9
Mohit mishra (mukt) commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post माँ के हाथों से जब खाया जाता है (ग़ज़ल)
"बेहतरीन ग़ज़ल आदरणीय। बधाई"
Jan 8
Mohit mishra (mukt) commented on Mohit mishra (mukt)'s blog post आवाहन(कविता ):-मोहित मुक्त
"आदरणीय आरिफ जी एवं सुरेंद्र जी आगे की रचनाओं में आपकी संतुष्टि का यथासंभव प्रयास करूँगा। असुविधा के लिए हृदय तल से क्षमा। सादर"
Jan 8

Profile Information

Gender
Male
City State
allahabad
Native Place
allahabad univercity
Profession
student
About me
SIDHA SADA AUR SULJHA HUA

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At 10:14pm on November 28, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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Mohit mishra (mukt)'s Blog

आवाहन(कविता ):-मोहित मुक्त

अंगार भर लो लोचनों में, श्वांस में फुंफकार हो ,

नस-नस अनल से पूर्ण हो , पुरुष्त्व का संचार हो।

विश्वास जन का खोकर भी सत्तासीन हो जाते हैं।

जो हर चुनावी परिवेश में नए प्रपंच रचाते हैं।

वैसे दागी लोग न जाने क्यों हमारे नायक हैं ?

क्या वे लोग ही हमपर शासन करने लायक हैं ?

जैसे मृगेंद्र के पुत्रों पर भेड़ियों का बर्चस्व हो।

जैसे गर्दभ-दौड़ में कोई हारता सा अश्व हो।

वैसे ही आज अयोग्य हाथों में हमारा देश है।

फिर भी सुप्त…

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Posted on January 6, 2018 at 9:30pm — 12 Comments

ऐ जाने वाले पल कह दे, इस आने वाले पल से:-मोहित मुक्त

उम्मीदें बहुत हैं, आने वाले कल से।

ऐ जाने वाले पल कह दे,

इस आने वाले पल से।

यह वर्ष भला हो मधुमय हो,

सत्पथ की राह पे तन्मय हो,

यह खुशियों का उजियाला लाये ,

यह शांति-प्रेम का भाव सिखाये ,

इस वर्ष खड़ें हों हटकर ,

कपट-द्वेष से, छल से।

ऐ जाने वाले पल कह दे, .

इस आने वाले पल से।

यह साल नए कुछ घाव न दे ,

असमय-अनुचित वर्ताव न दे ,

इस साल कोई अवसाद न हो ,

किसी से कुछ दुर्वाद न…

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Posted on January 1, 2018 at 12:30am — 14 Comments

आज फिर दर्द छलका:-मोहित मुक्त

आज फिर दर्द छलका।

आँख फिर आज रोयी।

प्रिये, दिल ने फिर से-

स्मृतियाँ संजोई।

शिशिर रात में वह-

प्रणय के मधुर क्षण।

चांदनी की चादर पर -

हम और तुहिन-कण।

नर्म लबों पर-

पीयूष सा वो पानी।

हौले हवा में -

वो घुलती जवानी।

पल पास हैं सब-

तुम हीं हो खोयी।

आज फिर दर्द छलका।

आँख फिर आज रोयी।



शलभ बन जला मैं,

शिखा प्यार की थी।

बात इच्छाओं के,

बस सत्कार की थी।

जुदा मोड़ पर ,

आज दोनों खड़े…

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Posted on November 20, 2017 at 8:30am — 13 Comments

भारत-शब्दचित्र:-मोहित मुक्त

लोकतंत्र-शोकतंत्र-जनतंत्र-भजनतंत्र।

जन को दुत्कार-सत्ता से प्यार।

प्रजातंत्र में उगते राजकुमार।

विदेश की रानी, भाषण का नरेश।

समता के वादे, भय का परिवेश।

राजनीती-ताजनीति।

कूटनीति-झुठनीति।

प्रतिबद्धता-आबद्धता।

दिखावे की संबद्धता।

कुविचार-भ्रष्टाचार।

बेईमानों की सरकार।

वादे वादे और वादे।

कोष लूटने के इरादे।

भूख-बेरोजगारी।

पीड़ा-लाचारी।

दंश-बीमारी।

प्रजा-बिचारी।

स्त्री-असुरक्षा।

गौ की रक्षा।

समाज-गंदे।…

Continue

Posted on November 6, 2017 at 8:43am — 8 Comments

 
 
 

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SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"सतविन्द्र कुमार जी ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया,"
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आज़ादी के बाद सभी को, देश बनाना होता है..../ अलका 'कृष्णांशी'

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"आद0 विजय निकोर जी सादर अभिवादन।बढ़िया अतुकांत, भाव सम्प्रेषण उत्तम। इस कविता पर आपको अनन्त बधाई।"
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सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल ( निकल कर तो आओ कभी रोशनी में )
"आद0 तस्दीक अहमद साहिब, बहुत बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने,बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल पर।"
4 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"वाहः वाहः बहुत खूब अशआर हुए हैं। सादर बधाई"
10 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"शुक्रिया मोहित भाई."
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Mohammed Arif's blog post कविता- बसंत
"बहुत बढ़िया सामयिक पेशकश। आपकी लेखनी का यह रूप देख कर बहुत ख़ुशी हासिल हुई। तहे दिल से बहुत-बहुत…"
10 hours ago
Mohit mishra (mukt) commented on SALIM RAZA REWA's blog post हमने हरिक उम्मीद का पुतला जला दिया- सलीम रज़ा
"आदरणीय सलीम जी उम्दा ग़ज़ल, बहुत बहुत मुबारकबाद "
10 hours ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post कविता- बसंत
"रचना पर प्रतिक्रिया देकर मान बढ़ाने का बहुत-बहुत आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी ।"
10 hours ago
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post तेरे नज़दीक ही हर वक़्त ....”संतोष”
"धन्यवाद एवं आभार आदरणीय विश्वकर्मा साहब!!"
10 hours ago

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