For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manoj kumar shrivastava
  • Male
  • nawagarh chhattisgarh
  • India
Share

Manoj kumar shrivastava's Friends

  • Hari Prakash Dubey
 

Manoj kumar shrivastava's Page

Latest Activity

Manoj kumar shrivastava commented on रामबली गुप्ता's blog post कुंडलियाँ-रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली गुप्ता जी, सादर नमस्कार, इस सुंदर रचना हेतु आपको कोटिशः बधाइयाॅ।"
yesterday
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post निःशब्द देशभक्त
"आदरणीय दादा श्री समर कबीर जी, आपके स्नेह से मेरी ऊर्जा बढ़ती है, कोटिशः आभार स्वीकार करें। सादर"
yesterday
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post निःशब्द देशभक्त
"ऊर्जा बढ़ाने हेतु आपका हृदयतल से आभार आदरणीय सुरेन्द्रनाथ जी, आपका स्नेह बना रहे।"
yesterday
Samar kabeer commented on Manoj kumar shrivastava's blog post निःशब्द देशभक्त
"जनाब मनोज कुमार जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Manoj kumar shrivastava's blog post निःशब्द देशभक्त
"आद0 मनोज कुमार जी सादर अभिवादन। बेहतरीन भाव सम्प्रेषण के साथसाथ लिखी गयी इस रचना पर मेरी कोटिश बधाइयाँ निवेदित हैं।सादर"
Thursday
Manoj kumar shrivastava posted blog posts
Thursday
Manoj kumar shrivastava commented on डॉ पवन मिश्र's blog post नवगीत- लुटने को है लाज द्रौपदी चिल्लाती है
"आदरणीय डाॅ. पवन मिश्र जी सादर वन्दे! बहुत ही अच्छी रचना है। सादर बधाई स्वीकार करें।"
Tuesday
Manoj kumar shrivastava posted a blog post

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं

मैं कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं, मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं, भेद-भाव के दरया को, पाटने की कोशिश  में, सूरज के घर में चाॅंद का, संदेशा  लेकर जाता हॅूं, हाॅं, मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं। खुशियों को ढ़ूंढ़ने निकला हॅूं, मिल भी गयी दुखदायी खुशी, दुखदायी खुशी के चक्कर में, हसीन गम को भूल जाता हॅूं।, हाॅं,मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।ऐशो-आराम की जिंदगी मिली है, आराम से सोता पर क्या करूॅं, पहले हजारों अर्धनिद्रा से ग्रसित, बांधवों को सुलाता हॅूं, हाॅं, मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।…See More
Dec 5
Manoj kumar shrivastava commented on Afroz 'sahr''s blog post ग़ज़ल,,,,इशारों का साथ दो,,,,,,,
"आदरणीय अफरोज जी सादर वन्दे! बहुत ही सुंदर रचना है। मेरी कोटिशः बधाइयाॅं स्वीकार करें।"
Dec 4
Manoj kumar shrivastava commented on amod srivastav (bindouri)'s blog post न पूछता है.. कोई आज यूँ पता मेरा/
"आदरणीय बिंदौरी जी सादर वन्दे! बहुत ही सुंदर रचना है। कोटिशः बधाइयाॅं स्वीकार करें।"
Dec 4
Manoj kumar shrivastava commented on Sushil Sarna's blog post तेरे-मेरे दोहे - (२)
"आदरणीय सरना जी, सादर वन्दे! बहुत ही सुंदर विरह रचना है। कोटिशः बधाइयाॅं स्वीकार करें।"
Dec 4
Manoj kumar shrivastava commented on Manoj kumar shrivastava's blog post मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं
"आदरणीय दादा समर कबीर जी सादर प्रणाम। आपके मार्गदर्शन का कोटिशः आभार। इसी तरह मुझ पर अपना आशीर्वाद बनाये रखें।"
Dec 4
Samar kabeer commented on Manoj kumar shrivastava's blog post मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं
"जनाब मनोज कुमार जी आदाब,कविता का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'भेद भाव की दरिया को--"भेद भाव के दरया को" 'ऐषो'---"ऐशो" 'कई सलाह भी दिए मैंने'---"कई सलाह भी दीं मैंने" 'अपमान भी करता…"
Dec 4
Manoj kumar shrivastava commented on डॉ पवन मिश्र's blog post ग़ज़ल- आज फिर उसने कुछ कहा मुझसे
"बहुत ही खूबसूरत रचना है आदरणीय पवन मिश्र जी, कोटिशः बधाइयाँ स्वीकार करें।"
Dec 4
Manoj kumar shrivastava commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल -मुहताज़ के लिए कभी’ पत्थर नहीं हूँ’ मैं - कालीपद 'प्रसाद'
"आदरणीय प्रसाद जी, इस बेहतरीन रचना पर मेरी बधाई स्वीकार करें।"
Dec 4
Manoj kumar shrivastava commented on प्रदीप कुमार पाण्डेय 'दीप''s blog post जिंदगी तुझ पर ये दिल भी, कर गया कुर्बान क्यों?
"आदरणीय पाण्डेय जी, इस रचना पर मेरी बधाई स्वीकार करें।"
Dec 4

Profile Information

Gender
Male
City State
nawagarh
Native Place
bhimpuri
Profession
computer oprator, shikshak
About me
best

Manoj kumar shrivastava's Blog

निःशब्द देशभक्त

जब एक सैनिक शहीद होता है

तो साथ में शहीद होती हैं

ढेर सारी उम्मीदें,

ताकत और भावनाएं,

मैं सैनिक नहीं 

न मेरा कोई पुत्र,

पर पूरी देशभक्ति

निभायी

अपनी चहारदीवारी

के भीतर

हाथ में धारित

मोबाईल पर चल रहे

सोशल मीडिया

में शहीद सैनिक

की फोटो पर

"जय हिंद"

लिख कर और

सो गया, तब

रात स्वप्न में

वह शहीद आया,

कहा- मैं अपनी

मिट्टी और आपकी

और सेवा करना

चाह रहा था,

पर कर न पाया,

इसलिए…

Continue

Posted on December 13, 2017 at 2:30pm — 4 Comments

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं

मैं कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं,

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं,

भेद-भाव के दरया को,

पाटने की कोशिश  में,

सूरज के घर में चाॅंद का,

संदेशा  लेकर जाता हॅूं, हाॅं,

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।

खुशियों को ढ़ूंढ़ने निकला हॅूं,

मिल भी गयी दुखदायी खुशी,

दुखदायी खुशी के चक्कर में,

हसीन गम को भूल जाता हॅूं।, हाॅं,

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।

ऐशो-आराम की जिंदगी मिली है,

आराम से सोता पर क्या करूॅं,

पहले हजारों अर्धनिद्रा से…

Continue

Posted on December 3, 2017 at 1:00pm — 4 Comments

देशभक्त तो पैदा कर

दलगत राजनीति से दूर होना चाहिए,

देशहित करने का सुरूर होना चाहिए,

बेशक विचारों में भेद हो सकता है,

पर राष्ट्रहित हो तो गुरूर होना चाहिए,

सत्ता से प्रेम और विपक्ष से गिला नहीं,

किसी दल से भी मैं कभी मिला नहीं,

पर प्रबलता से देशहित में कहता हूँ,

जो देश का है, मैं उसकी पार्टी में रहता हूँ,

और जो भी विपक्षी हो, उससे कहता हूँ,

मतदाता से नहीं, देश से वायदा कर,

मैं सिर्फ तुझे ही सत्ता में चुनूँगा पहले,

पहले अपनी पार्टी में देशभक्त तो पैदा… Continue

Posted on December 2, 2017 at 8:41am — 8 Comments

बदनाम इतिहास

आकाओं की आवाज़
मौनी हो गई है,
इस शहर की सियासत
बौनी हो गई है,
सोच के साथ-साथ,
कर्मों में भी दरख़्त है,
मेरे मसीहा का पेशाना,
पिंडारियों सा सख्त है,
शायद उसे याद नहीं कि
आदमी केवल हाड़-मास है,
कल का चर्चित रहा डाकू,
आज का बदनाम इतिहास है....

मौलिक व अप्रकाशित

Posted on November 30, 2017 at 11:07pm — 5 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post मृत्यु भोज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीता कसार जी।"
1 minute ago
Kalipad Prasad Mandal posted a blog post

ग़ज़ल -राह सब दुर्गम, लिखाई में है’ आसानी मुझे-कालीपद 'प्रसाद'

काफिया आनी : रदीफ़ :मुझेबह्र :२१२२ २१२२  २१२२  २१२राह सब दुर्गम, लिखाई में है’ आसानी मुझेइन…See More
38 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी बहुत खूबसूरत ग़ज़ल हुई है।बधाई"
3 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गोपाल भाईजी सरसी में चित्र को साकार कर दिया आपने। चित्र के अनुरूप सुंदर शब्दों और भावों से…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सुरेश भाईजी चित्र के अनुरूप सुंदर शब्दों और भावों से युक्त इस सरसी छंद के लिए मेरी हार्दिक…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी चित्र के अनुरूप सुंदर शब्दों और भावों से युक्त इस सरसी छंद के लिए मेरी हार्दिक…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी रचना की प्रशंसा के लिए आपका हृदय से धन्यवाद आभार। उम्मीद है अब आप सभी उत्सवों में…"
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"सरसी छंद     खंडहरों सा घर है कोई , पत्थर की दीवार | लगा सामने बँगलों जैसा, ऊँचा सा इक…"
11 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल -गीत कुछ वस्ल और अलगाओं की’ भी गानी मुझे-कालीपद 'प्रसाद'
"आदरणीय समर कबीर साहिब , कुछ सुधार कर फिर पेश करता हूँ | कृपया एक नज़र डालें |"
12 hours ago
Nita Kasar commented on TEJ VEER SINGH's blog post मृत्यु भोज - लघुकथा –
"परंपरायें जब बेडिया बन जायें तो तब उन्है तोड़ देना बेहतर ।उम्दा कथा के लिये बधाई आद० तेजवीर सिंह जी…"
13 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब ,आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ।"
13 hours ago
सुरेश कुमार 'कल्याण' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"सरसी छंद --------------- पथरीली सी इन राहों में,पथरीला सा गाँव। गलियों में जब लगती ठोकर,घायल होते…"
13 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service