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Er Kumar Nusrat
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KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आदरणीय कुमार नुसरत जी बहुत प्यारी ग़ज़ल कही है आपने | हार्दिक बधाई आपको |"
Sep 13
Afroz 'sahr' commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आदरणीय कुमार नुसरत जी बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल कही है!शेर दर शेर दाद कुबूल करें!"
Sep 13
Samar kabeer commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"जनाब कुमार नुसरत साहिब आदाब,पहली बार आपकी ग़ज़ल से रूबरू हुआ हूँ,बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'जब साथ दिया मैंने किसी अह्ल-ए-सितम का' इस मिसरे में 'अह्ल-ए-सितम'यानी सितम करने वाले,इस लिहाज़ से ये बहुवचन…"
Sep 13
Mohit mishra (mukt) commented on Er Kumar Nusrat's blog post गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं
"आदरणीय  Er Kumar Nusrat जी अच्छी कोशिश। आदाब "
Sep 13
Er Kumar Nusrat posted a blog post

गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं

सोने की चमक छोड़ के मिट्टी की तरफ हूं बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं तुम लोग तो जालिम के तरफदार हो लेकिन मैं आज भी इस देश में गांधी की तरफ हूं जब साथ दिया मैंने किसी अहले सितम का एहसास हुआ मुझको मैं गलती की तरफ हूं आंखो को मेरी ख्वाब ना दौलत के दिखाओ मैं भूख से बेचैन हूं रोटी की तरफ हूं मैं डूबने दूंगा ना गरीबों का सफीना तूफां के मुकाबिल हूं मैं मांझी की तरफ हूं ये शहर का माहौल मुबारक हो आपको मैं गांव का बाशिंदा हूं बस्ती की तरफ हूं नुसरत मेरी ग़ज़लें भी मोहब्बत से भरी हैं गौतम…See More
Sep 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर left a comment for Er Kumar Nusrat
"आपका अभिनन्दन है. ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए  ग़ज़ल की कक्षा   ग़ज़ल की बातें    भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है | | | | | | | | आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ…"
Nov 22, 2016
Er Kumar Nusrat commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s page OBO Logo
"बहुत सुंदर"
Nov 2, 2016
Er Kumar Nusrat commented on सुनील प्रसाद(शाहाबादी)'s blog post अब नहीं मेरे गांव में(छंदमुक्त चतुष्पदी कविता)
"आदरणीय बहुत सुंदर सार्थक रचना बहुत बहुत बधाई"
Nov 2, 2016
Er Kumar Nusrat is now a member of Open Books Online
Nov 2, 2016

Profile Information

Gender
Male
City State
Narnaul Haryana
Native Place
Narnaul
Profession
Ghazalkaar
About me
Engineer

Er Kumar Nusrat's Blog

गज़ल - बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं

सोने की चमक छोड़ के मिट्टी की तरफ हूं

बेटों से कहीं ज्यादा मैं बेटी की तरफ हूं



तुम लोग तो जालिम के तरफदार हो लेकिन

मैं आज भी इस देश में गांधी की तरफ हूं



जब साथ दिया मैंने किसी अहले सितम का

एहसास हुआ मुझको मैं गलती की तरफ हूं



आंखो को मेरी ख्वाब ना दौलत के दिखाओ

मैं भूख से बेचैन हूं रोटी की तरफ हूं



मैं डूबने दूंगा ना गरीबों का सफीना

तूफां के मुकाबिल हूं मैं मांझी की तरफ हूं



ये शहर का माहौल मुबारक हो आपको

मैं…

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Posted on September 13, 2017 at 11:00am — 13 Comments

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At 5:32pm on November 22, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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