For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शक्ति के रूप  (मौलिक एवं अप्रकाशित )

हिमालय की लाली मां, हैं बैल पर सवार |

दिव्य रूप हाथ त्रिशूल, सुशोभित पद्म सार ||

 

सत्व सत्ता प्रकृति रूप, शिखरों पर हैं धाम |

सती यज्ञ से दुर्गा का, ‘ शैलपुत्री ’ है नाम

 

एक हाथ में जप माला, दूजे कमण्डल नीर |

तपाचार की ज्योति में, बोध ज्ञान के हीर ||

 

तपस्विनी ‘ब्रह्मचारणी ’, बीते वर्ष हजार |

शिव शक्ति बनने उसने, ना मानी थी हार ||

 

अर्ध चंद्रमा मस्तक पर, सोने का है रंग |

सिंह पर सवार देवी, अस्त्र–शस्त्र हैं संग ||

 

दिव्य प्रकाश भर देती, ध्वनि कितनी अपार |

‘ चंद्रघंटा ’ की शक्ति से, पाप गया है हार ||

 

अष्ट-भुज आदि-शक्ति मां, देती यश बल आयु |

आधि-व्याधि दूर हटाए, प्रवाहित प्राण वायु ||

 

सूर्य मंडल सी आभा, फैला तेज प्रकाश |

‘ कूष्मांडा ’  के विभव से, अंधकार का नाश ||

 

महादेव की वामनी, स्कंद विराजे गोद |
जगत जननी गौरी माँ, लुटा रहीं हैं मोद ||

 

‘ स्कंदमाता ’ की वरमुद्रा, पुष्कल जीवन सार |
विशुद्ध चक्र में मन हो, खुलते मोक्ष द्वार ||

 

 वर-मुद्रा अभय-मुद्रा है, कर खड्ग कमल सार |

माँ शुंभनिशुंभहननी, दुष्ट रहे हैं हार ||

कात्यायनी रूप देख, मन सब का सुख पाय | 
अर्थ धर्म काम मोक्ष, ध्यान धरो आ जाय ||

 

अंधकार सा घना है, काली रूप विकराल |
गर्दभ पर सवार शक्ति, हैं भक्त पर निहाल ||


‘ कालरात्रि ’ के नाम से, असुर भागते दूर |
त्रिनेत्रों में समाए हैं, असंख्य चमकते सूर ||

 

सितवर्ण श्वेत परिधान, डमरू बजे अपार |

सुहाग रक्षक वरदानी, माँ वृषभ पर सवार ||

 

अष्टमी को ‘ महागौरी, ’ देतीं हैं वरदान |

लाल चुनरिया चढ़ रही, गूंजे मंगल गान ||

 

भक्ति से शिव ने पाया, अर्ध नार का रूप |

कमल पुष्प आसीन हैं, देवी अनंत स्वरूप |

 

‘ सिद्धिदात्री ’ की पूजा, नवरात्रों का सार |

मधुर स्वरों से मोहित, सारा जग संसार ||

 

Views: 521

Replies to This Discussion

बहुत सुंदर सृजन | साधुवाद आदरणीय 

धन्यवाद

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मौत से कह दो न रोके -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति, सराहना व मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ।"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मौत से कह दो न रोके -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , सराहना व सलाह के लिए आभार । "
2 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय Dr. Vijai Shanker साहिब, आपकी ज़र्रा-नवाज़ी और हौसला-अफ़ज़ाई के लिए बेहद शुक्रगुज़ार हूँ।"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post न इतने सवाल कर- ग़ज़ल
"आदरणीय बसंत कुमार शर्मा साहिब, जो बह्र आपने इस्तेमाल की है वो ये है:मुज़ारे मुसम्मन अख़रब मकफ़ूफ़…"
3 hours ago
Admin posted discussions
4 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post न इतने सवाल कर- ग़ज़ल
"जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें। आपने जो बह्र लिखी है उस…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
6 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
6 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post क्यों ना जड़ पर चोट ?
"सादर प्रणाम ,  भाई लक्ष्मण धामी जी, रचना पर आपके विचार जानकर खुशी हुई।हार्दिक धन्यवाद"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मगर हम स्वेद के गायें - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार ।"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post न इतने सवाल कर- ग़ज़ल
"आ. भाई बसंत जी, सादर अभिवादन । उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
6 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"शानदार प्रस्तुति , बहुत बहुत बधाई , आदरणीय रवि भसीन शाहिद जी , सादर।"
7 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service