For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो ,

मो कहूँ आवत नाही कबहू -२

ना मुख चंद्र दिखायो ,

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो।

बहुत सुनिन्ह है तोरे बतिया ,

तुम बिन गुजरे ना दिन रतिया ,

राधा के ओ मोहन प्यारे -२

मोको बहुत सतायो ,

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो।

साँवले मुख पै दधि लपटाए,

ग्वालिन तुमहुँ माँ पहिं लाये ,

ओ घड़ी जैसी तुम्हरी सूरत -२

मोके वैसी ही दिखायो ,

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो।

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो।

मौलिक और अप्रकाशित

Views: 263

Replies to This Discussion

वाह बहुत सुंदर निर्मल भाव | हार्दिक बधाई आदरणीय |

आदरणीया कल्पना जी,उत्साह बढ़ाने के लिए कोटि कोटि शुक्रिया 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सदमे में है बेटियाँ चुप बैठे हैं बाप - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,अच्छे दोहे लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें । 'आदम…"
2 minutes ago
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'हर इक सू से सदा ए…"
21 minutes ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएँ : ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिकाएँ लिखीं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
37 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post तितली-पुष्प प्रेम :
"आ. भाई सुशील जी, सम्वादात्मक रुप में सुन्दर दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manan Kumar singh's blog post एनकाउंटर(लघुकथा)
"आ. भाई मनन जी, समसामयिक विषय पर अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"आद० लक्ष्मण धामी जी ..हार्दिक आभार आपका"
4 hours ago
Manan Kumar singh posted a blog post

एनकाउंटर(लघुकथा)

'कभी - कभी विपरीत विचारों में टकराव हो जाया करता है। चाहे - अनचाहे ढंग से अवांछित लोग मिल जाते…See More
5 hours ago
PHOOL SINGH posted a blog post

एक पागल की आत्म गाथा

दुनियाँ कहे मै पागल हूँमै कहता पागल नहीं, बस घायल हूँकभी व्यंग्य, कभी आक्षेप कोखुद पर रोज मैं सहता,…See More
5 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 2122 2122 212कुछ मुहब्बत कुछ शरारत और कुछ धोका रहा ।हर अदा ए इश्क़ का दिल तर्जुमा करता रहा…See More
5 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर साहब तहेदिल से बहुत बहुत शुक्रिया"
6 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 प्रदीप देवीशरण भट्ट साहब तहेदिल से बहुत बहुत शुक्रिया"
6 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 सुशील सरना साहब तहेदिल से बहुत बहुत शुक्रिया।"
6 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service