For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 48640

Reply to This

Replies to This Discussion

जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,आपकी दुआओं और महब्बतों के लिये दिल से धन्यवाद ।

आदरणीय समर कबीर जी को जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं ईश्वर से उनके निरामय जीवन की कामना करता हूँ

जनाब सत्यनारायण सिंह जी आदाब,आपकी दुआओं और महब्बतों के लिये दिल से धन्यवाद ।

सात सितम्बर २०१८ को मॉरिशस में हिंदी साहित्योत्सव में मुझे मेरे लघु कथा संग्रह गुल्लक के लिए महामहिम के हाथों सम्मान मिला कल ही भारत लौटी हूँ यह ख़ुशी सर्वप्रथम अपने ओबीओ परिवार से साझा कर रही हूँ .

आ. राजेश दी, सादर अभिवादन । मारीशस में मिले सम्मान के लिए ढेरों बधाईयाँ ।

बहुत बहुत शुक्रिया आद० लक्ष्मण भैया आप सबकी शुभकामनाओं और माँ शारदे के वरदान से ये हो सका | इस सम्मान को मैं ओबीओ परिवार विशेषकर आद० योगराज प्रभाकर जी को समर्पित करती हूँ जिनकी बदौलत मैं गुल्लक लिख पाई और उस पर ये सम्मान मॉरिशस में मिला .

बहना राजेश कुमारी जी आदाब,आपको इस सम्मान के लिए लख लख बधाइयाँ ।

बहुत बहुत शुक्रिया भाई जी आपकी शुभकामनाएँ होस्लाफ्जाई सदैव आगे बढने के लिए प्रेरित करती हैं 

हार्दिक बधाई दीदी

बहुत बहुत शुक्रिया प्रिय कल्पना जी 

आदरणीया राजेश कुमारी जी, 

ओबीओ की प्रतिष्ठा में आपको मिला उच्च स्तरीय सम्मान प्रभावी बढ़ोतरी कर रहा है। पटल को गौरवान्वित करती इस शुभ-सूचना के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं आपकी इस उपलब्धि पर हृदयतल से अशेष शुभकामनाएँ तथा अतिशय बधाइयाँ.. 
सतत अग्रसरित रहें एवं ओबीओ परिवार का नाम दैदिप्यमान होता रहे।
शुभातिशुभ
 

आदरणीय सौरभ जी आपका दिल से बहुत- बहुत आभार |इस पटल ने हमें बहुत कुछ दिया है माँ सरस्वती के बाद हम ओबिओ को याद करते हैं इसी विद्या के मन्दिर से हमने बहुत कुछ पाया है आप सबकी होस्लाफ्जाई शुभकामनाएँ निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है |

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दिल ने जिसे बना लिया गुलफाम दोस्तो)
"जनाब महेंद्र कुमार साहिब , ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो
"हृदय से आभारी हूँ आदरणीय तेज वीर सिंह जी. बहुत-बहुत शुक्रिया. सादर."
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : अशआर मेरे जिनको सुनाने के लिए हैं
"लिखना सार्थक रहा आदरणीय अजय जी. बहुत-बहुत शुक्रिया. हार्दिक आभार. सादर."
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : अशआर मेरे जिनको सुनाने के लिए हैं
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय तेज वीर सिंह जी. हृदय से आभारी हूँ. सादर."
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : अशआर मेरे जिनको सुनाने के लिए हैं
"सादर आदाब आदरणीय समर कबीर सर. इस प्रयास की सराहना के लिए हृदय से आभारी हूँ. यदि आप यह भी इंगित कर…"
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दिल ने जिसे बना लिया गुलफाम दोस्तो)
"लाए हैं अंजुमन में किसी अजनबी को वहदिल में न यूँ उठा मेरे कुहराम दोस्तो l ...वाह!  बहुत…"
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बढ़िया ग़ज़ल हुई है आदरणीय नवीन जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए.  1. //दिया था जो वसीयत में…"
6 hours ago
Mahendra Kumar commented on Samar kabeer's blog post 'वतन को आग लगाने की चाल किसकी है'
"खड़े हुए हैं सर-ए-राह आइना लेकर हमारे सामने आए मजाल किसकी है ....वाह! ग़ज़ब का शेर! इस शानदार ग़ज़ल के…"
7 hours ago
Mahendra Kumar commented on Maheshwari Kaneri's blog post मातृ भूमि के लिए ..
"बढ़िया लगी आपकी रचना आदरणीया माहेश्वरी कनेरी जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए.  कुछ टंकण…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post जाने कितने बढ़े हुए हैं
"आ. ऊषा जी, अच्छी रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ९१
"आ. भाई राजनवादवी जी, अच्छी गजल हुयी है। हार्दिक बधाई ।"
7 hours ago
Mahendra Kumar commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post जागो उठो हे लाल तुम (मधुमालती छंद)
"बहुत ख़ूब रचना हुई है आदरणीय सुरेन्द्र जी. हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए. सादर."
7 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service